top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

‘एक रुपये का नोट’ बना 10 लाख की ठगी का जाल! सोशल मीडिया विज्ञापन पर भरोसा कर कैशियर गंवा बैठा लाखों रुपये

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 5 days ago
  • 4 min read
“एक रुपये के नोट के बदले लाखों का लालच देकर साइबर ठगी का मामला”
“एक रुपये के नोट के बदले लाखों का लालच देकर साइबर ठगी का मामला”

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

मुंबई, 25 मई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे पुराने नोटों और सिक्कों के बदले लाखों रुपये मिलने के दावों ने एक बार फिर बड़ा साइबर फ्रॉड उजागर कर दिया है। मुंबई के सांताक्रूज पश्चिम इलाके में रहने वाले एक 45 वर्षीय व्यक्ति को “एक रुपये के पुराने नोट” के बदले लाखों रुपये इनाम देने का झांसा देकर कथित तौर पर 10.38 लाख रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया। पीड़ित पेशे से एक बीमा कंपनी की चर्चगेट शाखा में कैशियर बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार यह मामला सोशल मीडिया विज्ञापन, फर्जी दस्तावेज और मनोवैज्ञानिक दबाव के जरिए की गई सुनियोजित साइबर ठगी का उदाहरण बनकर सामने आया है। मामले में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

कैसे शुरू हुआ पूरा खेल?

पीड़ित ने पुलिस को बताया कि 23 फरवरी को वह सोशल मीडिया पर रील्स देख रहा था। इसी दौरान उसकी नजर एक विज्ञापन पर पड़ी, जिसमें दावा किया गया था कि “पुराना एक रुपये का नोट” देने पर 4.53 लाख रुपये तक का इनाम मिलेगा। विज्ञापन में एक व्हाट्सऐप नंबर भी दिया गया था।

पीड़ित के पास ऐसा नोट होने के कारण उसने उस नंबर पर नोट की तस्वीर भेज दी। इसके बाद खुद को “पंकज सिंह” बताने वाले व्यक्ति ने उससे संपर्क किया। आरोपी ने दावा किया कि वह एक पुराने सिक्कों और नोटों की दुकान में काम करता है।

रजिस्ट्रेशन फीस से शुरू हुई ठगी

पुलिस के मुताबिक आरोपी ने पहले पीड़ित से एक फॉर्म भरवाया और “रजिस्ट्रेशन फीस” के नाम पर 6,160 रुपये जमा करवाए। कुछ समय बाद आरोपी ने दोबारा संपर्क कर कहा कि पहले बताई गई राशि गलत थी और अब अतिरिक्त रकम जमा करनी होगी।

आरोपी ने भरोसा दिलाया कि पहले ट्रांसफर की गई राशि वापस कर दी जाएगी। इसी बीच पीड़ित को एक अन्य व्यक्ति “अरुण शर्मा” से मिलवाया गया, जिसने पूरे “इनाम प्रोसेस” को और विश्वसनीय बनाने की कोशिश की।

RBI के नाम पर भेजा गया फर्जी पत्र

जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पीड़ित को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नाम से कथित फर्जी लेटर भेजा। इसी दस्तावेज के जरिए यह विश्वास दिलाया गया कि इनाम की राशि वैध और सरकारी प्रक्रिया के तहत जारी की जाएगी।

पुलिस के अनुसार आरोपियों ने लगातार बातचीत और अलग-अलग भुगतान के नाम पर धीरे-धीरे पीड़ित से कुल 10.38 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का एहसास तब हुआ जब जालसाजों ने कहा कि यदि वह 6 लाख रुपये और जमा करता है तो इनाम की राशि बढ़ाकर 25.56 लाख रुपये कर दी जाएगी।

इसके बाद पीड़ित को शक हुआ और उसने साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई।

साइबर ठग कैसे बनाते हैं लोगों को निशाना?

साइबर विशेषज्ञों के अनुसार सोशल मीडिया पर पुराने नोट, सिक्के, सरकारी लॉटरी, नौकरी और इनाम से जुड़े विज्ञापन तेजी से बढ़ रहे हैं। इनमें अक्सर बड़े मुनाफे का लालच देकर लोगों से “रजिस्ट्रेशन फीस”, “GST”, “प्रोसेसिंग चार्ज” या “सिक्योरिटी डिपॉजिट” के नाम पर पैसे वसूले जाते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि:

  • RBI या सरकारी संस्थाएं इस तरह निजी इनाम योजनाएं संचालित नहीं करतीं

  • सोशल मीडिया विज्ञापनों की सत्यता जांचना जरूरी है

  • किसी भी अनजान व्यक्ति को ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने से पहले पुष्टि करनी चाहिए

  • लालच आधारित ऑफर्स अक्सर साइबर फ्रॉड का हिस्सा होते हैं

पुलिस क्या कर रही है?

मुंबई पुलिस ने मामले में आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। साइबर सेल व्हाट्सऐप नंबर, बैंक ट्रांजैक्शन और डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है।

पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे “पुराने नोट खरीदने” जैसे दावों से सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध ऑफर की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर दें।

आपके मन में उठ रहे सवाल

  • क्या पुराने नोटों की खरीद-बिक्री कानूनी है?

  • कुछ दुर्लभ और ऐतिहासिक नोट या सिक्के कलेक्शन मार्केट में खरीदे-बेचे जाते हैं, लेकिन इसके लिए विश्वसनीय प्लेटफॉर्म और प्रमाण जरूरी होते हैं।

  • क्या RBI ऐसे इनाम जारी करता है?

  • नहीं। RBI इस तरह सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए इनाम या भुगतान योजनाएं संचालित नहीं करता।

  • लोग इस तरह के फ्रॉड में क्यों फंस जाते हैं?

  • बड़ी रकम का लालच, भरोसेमंद दिखने वाले दस्तावेज और लगातार बातचीत कई बार लोगों को भ्रमित कर देती है।

  • अगर कोई साइबर ठगी हो जाए तो क्या करें?

तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें और नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज कराएं।

FAQ

Q1. पीड़ित से कितनी रकम ठगी गई?

पुलिस के अनुसार कुल 10.38 लाख रुपये की ठगी हुई।

Q2. ठगी की शुरुआत कैसे हुई?

सोशल मीडिया पर पुराने एक रुपये के नोट के बदले इनाम देने वाले विज्ञापन से।

Q3. आरोपियों ने कौन-सा तरीका अपनाया?

रजिस्ट्रेशन फीस, फर्जी RBI लेटर और अतिरिक्त भुगतान के नाम पर पैसे वसूले गए।

Q4. मामले की जांच कौन कर रहा है?

मुंबई साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

निष्कर्ष : मुंबई में सामने आया यह मामला बताता है कि साइबर अपराधी अब सोशल मीडिया और वायरल विज्ञापनों के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं। बड़ी कमाई और इनाम का लालच कई बार समझदारी पर भारी पड़ जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल जागरूकता और सतर्कता ही ऐसे फ्रॉड से बचने का सबसे प्रभावी तरीका है।

स्रोत: पुलिस शिकायत, साइबर सेल जांच, मीडिया रिपोर्ट्स।

कीवर्ड्स: सोशल मीडिया फ्रॉड, पुराने नोट ठगी, साइबर क्राइम मुंबई, एक रुपये का नोट स्कैम, ऑनलाइन फ्रॉड न्यूज

अब आपकी बारी!

क्या आपने भी सोशल मीडिया पर ऐसे “पुराने नोट खरीदने” वाले विज्ञापन देखे हैं?

क्या सरकार को ऐसे फर्जी विज्ञापनों पर और सख्ती करनी चाहिए?

अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें।

राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार, सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए Bhaarataarth Khabar से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें।

Support करें – Like | Share | Follow। ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे।

ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।


Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page