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आधी रात सड़क पर अकेली खड़ी रहीं IPS बी सुमति! 3 घंटे में 40 पुरुषों ने घेरा, फिर जो हुआ उसने खोल दी सुरक्षा व्यवस्था की पोल

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • May 7
  • 4 min read
“महिलाओं की सुरक्षा जांचने के लिए अंडरकवर ऑपरेशन करती IPS बी सुमति”
“महिलाओं की सुरक्षा जांचने के लिए अंडरकवर ऑपरेशन करती IPS बी सुमति”

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

हैदराबाद। Hyderabad Women Safety Experiment: महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे अक्सर किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत क्या है? इसे जानने के लिए तेलंगाना की वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और मलकाजगिरी की पुलिस कमिश्नर बी सुमति ने ऐसा साहसिक कदम उठाया जिसने पूरे देश को सोचने पर मजबूर कर दिया। आधी रात के बाद एक साधारण महिला बनकर बस स्टॉप पर अकेले खड़ी रहीं IPS बी सुमति ने सिर्फ तीन घंटे में जो देखा, उसने शहर की सुरक्षा व्यवस्था और समाज की मानसिकता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। रात 12:30 बजे से 3:30 बजे तक चले इस अंडरकवर ऑपरेशन के दौरान करीब 40 पुरुष उनके पास पहुंचे। कई नशे में थे, कुछ ने अभद्र व्यवहार करने की कोशिश की। इस पूरे प्रयोग ने महिलाओं की सुरक्षा की असली तस्वीर उजागर कर दी।

महिलाओं की सुरक्षा जांचने सड़क पर उतरीं IPS अधिकारी

हैदराबाद के मलकाजगिरी इलाके में पुलिस कमिश्नर के पद पर तैनात आईपीएस अधिकारी बी सुमति ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक अनोखा प्रयोग किया। उन्होंने किसी भी सुरक्षा व्यवस्था या पुलिस बल के बिना, सिविल ड्रेस में आधी रात को बस स्टॉप पर अकेले खड़े होकर यह जानने की कोशिश की कि आम महिलाएं रात के समय किन परिस्थितियों का सामना करती हैं। यह अभियान रात 12:30 बजे शुरू हुआ और सुबह 3:30 बजे तक चला। इस दौरान वे पूरी तरह अंडरकवर रहीं ताकि लोगों को उनकी असली पहचान का पता न चल सके।

सिर्फ 3 घंटे में 40 पुरुष पहुंचे पास

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस तीन घंटे के दौरान लगभग 40 पुरुष IPS बी सुमति के पास पहुंचे। इनमें कई लोग शराब और नशे की हालत में थे। कुछ ने बातचीत के बहाने संपर्क किया, जबकि कुछ का व्यवहार संदिग्ध और असहज करने वाला था। चौंकाने वाली बात यह रही कि इनमें युवा और छात्र भी शामिल थे। किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस महिला से वे बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं, वह दरअसल शहर की पुलिस कमिश्नर हैं। यह पूरा घटनाक्रम महिलाओं के प्रति समाज के रवैये और सार्वजनिक स्थानों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा करता है।

गिरफ्तारी नहीं, काउंसलिंग पर दिया जोर

ऑपरेशन खत्म होने के बाद पुलिस ने उन सभी लोगों की पहचान की जिन्होंने कमिश्नर से संपर्क किया था। लेकिन इस मामले में पुलिस ने सख्त कानूनी कार्रवाई के बजाय सुधारात्मक कदम उठाने का फैसला किया। संबंधित लोगों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया और सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को लेकर समझाया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य सिर्फ सजा देना नहीं, बल्कि लोगों की सोच और व्यवहार में बदलाव लाना है।

25 साल पहले भी कर चुकी हैं ऐसा ऑपरेशन

यह पहली बार नहीं है जब IPS बी सुमति ने ऐसा साहसी कदम उठाया हो। करीब 25 साल पहले, जब वे काजीपेट रेलवे स्टेशन के पास पुलिस उपाधीक्षक (DSP) के रूप में तैनात थीं, तब भी उन्होंने इसी तरह का अंडरकवर ऑपरेशन किया था। उनकी कार्यशैली हमेशा जमीनी स्तर पर जाकर समस्याओं को समझने और व्यावहारिक समाधान निकालने के लिए जानी जाती रही है।

कौन हैं IPS बी सुमति?

IPS बी सुमति तेलंगाना कैडर की वरिष्ठ अधिकारी हैं और हाल ही में मलकाजगिरी की पहली महिला पुलिस कमिश्नर बनी हैं। वे राज्य खुफिया ब्यूरो (SIB) की प्रमुख भी रह चुकी हैं। माओवादी संगठनों के आत्मसमर्पण अभियानों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके अलावा, पुलिसिंग में AI (Artificial Intelligence) आधारित सुधारों को लागू करने के लिए भी वे जानी जाती हैं। उनकी छवि एक सख्त लेकिन संवेदनशील अधिकारी की रही है।

महिलाओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल

इस पूरे प्रयोग ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या हमारे शहर रात के समय महिलाओं के लिए वास्तव में सुरक्षित हैं? विशेषज्ञों का मानना है कि सिर्फ कानून बनाना काफी नहीं है। समाज में महिलाओं के प्रति सोच और व्यवहार में बदलाव लाना भी उतना ही जरूरी है। IPS बी सुमति का यह प्रयोग सिर्फ पुलिसिंग नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी बड़ा संदेश माना जा रहा है।

लोगों के मन में उठ रहे बड़े सवाल

हालिया घटनाक्रम के बाद हर नागरिक के मन में कई अहम सवाल उठ रहे हैं:

  • क्या महिलाएं आज भी रात में सुरक्षित महसूस कर सकती हैं?

  • क्या सिर्फ पुलिस गश्त से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित हो सकती है?

  • समाज में महिलाओं के प्रति सोच बदलने के लिए क्या कदम जरूरी हैं?

  • क्या दूसरे राज्यों में भी ऐसे अंडरकवर अभियान होने चाहिए?

  • क्या काउंसलिंग अपराध रोकने में प्रभावी साबित होगी?

Q1. IPS बी सुमति कौन हैं?

Q2. उन्होंने यह अंडरकवर ऑपरेशन क्यों किया?

Q3. ऑपरेशन कितने समय तक चला?

Q4. कितने लोग उनके पास पहुंचे?

Q5. क्या पुलिस ने गिरफ्तारी की?

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निष्कर्ष : महिलाओं की सुरक्षा की सच्चाई जानने के लिए IPS बी सुमति ने हैदराबाद में अंडरकवर ऑपरेशन किया। 3 घंटे में 40 पुरुषों के संपर्क में आने से सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल।

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