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आधी रात खुला विधानसभा सचिवालय, सियासी बवाल: पटवारी का भाजपा पर आरोप, राजेंद्र भारती की सदस्यता पर संकट

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 3 अप्रैल
  • 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार देर रात विधानसभा सचिवालय खुलने की खबर ने सियासी हलचल तेज कर दी। आधी रात को हुए इस घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।


देर रात करीब 11 बजे जीतू पटवारी अपने समर्थकों और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा के साथ अचानक विधानसभा पहुंच गए। वे सीधे विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा के कक्ष में पहुंचे और आरोप लगाया कि भाजपा के दबाव में देर रात सचिवालय खोला गया है। पटवारी ने दावा किया कि कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया। उन्होंने कहा कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया के साथ खिलवाड़ है और सरकार विपक्ष को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस नेताओं के पहुंचते ही सचिव के कार्यालय से बाहर निकलने की घटना ने संदेह को और गहरा दिया।


तीन साल की सजा से बढ़ा संकट

दतिया से विधायक राजेंद्र भारती को हाल ही में एमपी-एमएलए कोर्ट ने धोखाधड़ी के एक मामले में तीन वर्ष की सजा सुनाई है। यह मामला भूमि विकास सहकारी बैंक से जुड़ा है, जहां उनके ऊपर 1998 से 2011 के बीच बैंक रिकॉर्ड में हेराफेरी कर लगभग 18.5 लाख रुपये अवैध ब्याज प्राप्त करने का आरोप सिद्ध हुआ। अदालत ने इस मामले में एक पूर्व बैंक कर्मचारी को भी दोषी ठहराते हुए दोनों पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। हालांकि सजा सुनाए जाने के साथ ही अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है, जिससे उन्हें तत्काल जेल नहीं जाना पड़ा।


सदस्यता पर कानूनी तलवार

कानून के अनुसार, यदि किसी जनप्रतिनिधि को दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होती है, तो उसकी सदस्यता समाप्त हो सकती है। ऐसे में राजेंद्र भारती की विधायकी पर खतरा मंडरा रहा है। उन्हें अपनी सजा के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील करने के लिए सीमित समय मिला है।


राजनीतिक पृष्ठभूमि भी अहम

गौरतलब है कि राजेंद्र भारती ने 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। ऐसे में यह मामला राजनीतिक रूप से भी काफी संवेदनशील माना जा रहा है।


बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव

आधी रात को सचिवालय खुलने की घटना और उस पर लगे आरोपों ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस जहां इसे सत्ता पक्ष की साजिश बता रही है, वहीं भाजपा की ओर से अभी तक इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर और तूल पकड़ सकता है।

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