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अभी- अभी बेंगलुरु एयरपोर्ट पर बड़ा हादसा टला: लैंडिंग के दौरान रनवे से टकराया एअर इंडिया विमान, जांच के लिए ग्राउंडेड

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • May 21
  • 4 min read

भारतार्थ खबर, बेंगलुरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलुरु, 21 मई। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु स्थित Kempegowda International Airport पर गुरुवार को एक बड़ा विमान हादसा टल गया। दिल्ली से बेंगलुरु आ रही Air India की फ्लाइट AI2651 लैंडिंग के दौरान टेलस्ट्राइक का शिकार हो गई। हालांकि राहत की बात यह रही कि विमान सुरक्षित रूप से रनवे पर उतार लिया गया और सभी यात्री व क्रू सदस्य बिना किसी चोट के सुरक्षित बाहर निकल गए। घटना के बाद विमान को तत्काल जांच के लिए ग्राउंडेड कर दिया गया है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह फ्लाइट A320 सीरीज का नैरो-बॉडी एअरबस विमान था। अधिकारियों ने बताया कि लैंडिंग के अंतिम चरण में विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया। विमानन भाषा में इस प्रकार की घटना को “टेलस्ट्राइक” कहा जाता है, जिसे गंभीर सुरक्षा घटना माना जाता है।

क्या होता है टेलस्ट्राइक?

एविएशन विशेषज्ञों के मुताबिक, जब टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान विमान का पिछला हिस्सा यानी टेल रनवे को छू लेता है, तब उसे टेलस्ट्राइक कहा जाता है। ऐसी घटनाओं में विमान की संरचना, फ्यूजलाज और दबाव प्रणाली को नुकसान पहुंचने की आशंका रहती है। यही कारण है कि टेलस्ट्राइक के बाद विमान की विस्तृत तकनीकी जांच अनिवार्य होती है।

विशेषज्ञ बताते हैं कि कई बार तेज टर्बुलेंस, गलत एंगल, तेज पिच-अप या अचानक गो-अराउंड प्रक्रिया के दौरान ऐसी स्थिति बन सकती है।

गो-अराउंड के दौरान हुआ हादसा

सूत्रों के अनुसार, घटना के समय रनवे से एक Boeing 747 विमान टेकऑफ कर चुका था। उसी दौरान एअर इंडिया की फ्लाइट अंतिम अप्रोच पर थी। बताया जा रहा है कि बोइंग 747 के इंजनों से उत्पन्न वेक टर्बुलेंस के कारण पायलट ने सुरक्षा नियमों के तहत “गो-अराउंड” का फैसला लिया। यानी विमान को दोबारा हवा में ले जाकर पुनः लैंडिंग की तैयारी की गई।

इसी प्रक्रिया के दौरान विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया। हालांकि पायलट ने स्थिति को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षित लैंडिंग कराई।

एअर इंडिया ने क्या कहा?

Air India के प्रवक्ता ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। एयरलाइन ने बयान जारी कर कहा, “घटना के कारण हुई असुविधा के लिए हमें खेद है। विमान की जांच निर्धारित सुरक्षा मानकों और नियामक अधिकारियों के समन्वय में की जाएगी।”

एयरलाइन ने यह भी बताया कि प्रभावित विमान को फिलहाल जांच के लिए सेवा से बाहर रखा गया है। इसके चलते बेंगलुरु से दिल्ली जाने वाली वापसी उड़ान रद्द कर दी गई है।

यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था

एयरलाइन की ओर से कहा गया है कि सभी प्रभावित यात्रियों के लिए वैकल्पिक फ्लाइट्स और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बेंगलुरु एयरपोर्ट पर ग्राउंड स्टाफ यात्रियों की सहायता में जुटा रहा।

यात्रियों के अनुसार, विमान के उतरने के दौरान हल्का झटका महसूस हुआ था, लेकिन अधिकांश यात्रियों को उस समय घटना की गंभीरता का अंदाजा नहीं हुआ। बाद में विमान को तकनीकी जांच के लिए रोक लिया गया।

विमान सुरक्षा पर फिर उठे सवाल

हाल के महीनों में भारतीय विमानन क्षेत्र में तकनीकी घटनाओं और आपात स्थितियों की खबरों के बाद यह मामला भी चर्चा में आ गया है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि टेलस्ट्राइक जैसी घटनाओं में प्रशिक्षित पायलटों की त्वरित प्रतिक्रिया और मानक सुरक्षा प्रक्रियाएं बड़े हादसों को रोकने में अहम भूमिका निभाती हैं।

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) की ओर से भी इस मामले की रिपोर्ट मांगी जा सकती है। एविएशन सेक्टर से जुड़े सूत्रों का कहना है कि विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और तकनीकी निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

Q&A: समझिए पूरी घटना

Q1. टेलस्ट्राइक क्या होता है?

जब विमान का पिछला हिस्सा टेकऑफ या लैंडिंग के दौरान रनवे से टकराता है, उसे टेलस्ट्राइक कहा जाता है।

Q2. कौन-सी फ्लाइट इस घटना का शिकार हुई?

दिल्ली से बेंगलुरु आ रही Air India की फ्लाइट AI2651।

Q3. क्या किसी यात्री को चोट आई?

नहीं। सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित बताए गए हैं।

Q4. विमान को क्यों ग्राउंडेड किया गया?

टेलस्ट्राइक के बाद संरचनात्मक जांच और सुरक्षा निरीक्षण के लिए विमान को सेवा से बाहर किया गया है।

Q5. गो-अराउंड क्या होता है?

जब पायलट सुरक्षा कारणों से लैंडिंग रोककर विमान को दोबारा हवा में ले जाता है, उसे गो-अराउंड कहा जाता है।

आपके मन में उठ रहे सवाल

  • क्या वेक टर्बुलेंस को पूरी तरह रोका जा सकता है?

  • क्या एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट में और सुधार की जरूरत है?

  • क्या भारतीय एयरपोर्ट्स पर रनवे सुरक्षा मानकों की समीक्षा होनी चाहिए?

  • क्या ऐसी घटनाएं यात्रियों के भरोसे को प्रभावित करती हैं?

  • क्या भविष्य में टेलस्ट्राइक रोकने के लिए नई तकनीक अपनाई जाएगी?

निष्कर्ष: सतर्कता ने टाला बड़ा संकट

बेंगलुरु एयरपोर्ट पर हुई यह घटना भले ही बड़े हादसे में नहीं बदली, लेकिन इसने विमान सुरक्षा और रनवे प्रबंधन को लेकर कई अहम सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पायलट की सतर्कता, मानक सुरक्षा प्रक्रियाएं और त्वरित निर्णय क्षमता ने संभावित संकट को टाल दिया। अब जांच रिपोर्ट से स्पष्ट होगा कि टेलस्ट्राइक की वास्तविक वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कौन-कौन से अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।

Source: एयरलाइन अधिकारियों, एयरपोर्ट सूत्रों, प्रारंभिक तकनीकी जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित।

Keywords: बेंगलुरु एयरपोर्ट, एअर इंडिया टेलस्ट्राइक, AI2651 फ्लाइट, विमान हादसा, एयर सेफ्टी

अब आपकी बारी!

  • इस घटना को लेकर आपकी क्या राय है?

  • क्या भारत में एयर सेफ्टी सिस्टम और मजबूत होना चाहिए?

अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

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