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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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UNSC में भारत की स्थायी सीट को V4 का समर्थन, जयशंकर ने बताया ‘ऐतिहासिक’

लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
धन्नाराम चौधरी
22 सित॰
3 मिनट पठन
V4+ बैनरों और झंडों के सामने सूट पहने पांच नेता खड़े हैं; औपचारिक, गंभीर माहौल।

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com न्यूयॉर्क, 22 सितंबर 2026। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत की स्थायी सदस्यता की दावेदारी को यूरोप के चार देशों—पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य—का समर्थन मिला है। यह समर्थन 81वीं संयुक्त राष्ट्र महासभा के उच्चस्तरीय सप्ताह के दौरान न्यूयॉर्क में हुई पहली V4 India विदेश मंत्रिस्तरीय बैठक में सामने आया। स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि वैश्विक दक्षिण के प्रमुख देश और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उभरती शक्ति के रूप में भारत को सुरक्षा परिषद में स्थायी स्थान मिलना चाहिए।


V4 देशों ने जताया भारत के समर्थन पर साझा रुख


विसेग्राद समूह यानी V4 में पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य शामिल हैं। बैठक के बाद स्लोवाक विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने कहा कि चारों देश इस बात पर सहमत हैं कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होना चाहिए। उनके अनुसार भारत वैश्विक दक्षिण का महत्वपूर्ण देश है और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है।

भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार और स्थायी सदस्यता की मांग करता रहा है। नई दिल्ली का तर्क है कि वर्तमान वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक वास्तविकताओं को संयुक्त राष्ट्र की निर्णय लेने वाली संस्थाओं में अधिक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए।


जयशंकर ने बैठक को बताया नया ऐतिहासिक अवसर


विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पहली V4 India बैठक को एक नया और ऐतिहासिक अवसर बताया। उन्होंने कहा कि बैठक में राजनीतिक, आर्थिक, रक्षा, प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, संपर्क व्यवस्था और लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करने सहित कई विषयों पर चर्चा हुई।


जयशंकर के अनुसार भारत और V4 देशों के बीच विदेश मंत्रियों की वार्षिक बैठक आयोजित करने तथा वार्षिक बिजनेस फोरम शुरू करने पर सहमति बनी है। दोनों पक्षों ने प्रौद्योगिकी और नवाचार, रक्षा सहयोग, अंतरिक्ष, कनेक्टिविटी और लोगों की आवाजाही जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया। बैठक में यूक्रेन संघर्ष और खाड़ी क्षेत्र के घटनाक्रम सहित प्रमुख वैश्विक मुद्दों पर भी विचार-विमर्श हुआ।


UNSC में सुधार की भारत की मांग


संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वर्तमान में 15 सदस्य हैं। इनमें चीन, फ्रांस, रूस, ब्रिटेन और अमेरिका पांच स्थायी सदस्य हैं, जबकि 10 गैर-स्थायी सदस्यों का चुनाव दो वर्ष के कार्यकाल के लिए किया जाता है।


स्थायी सदस्यों को सुरक्षा परिषद में वीटो अधिकार प्राप्त है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार परिषद के गैर-प्रक्रियात्मक निर्णयों के लिए नौ सदस्यों के समर्थन के साथ स्थायी सदस्यों की सहमति आवश्यक होती है।


भारत सुरक्षा परिषद की संरचना में व्यापक सुधार की मांग करता रहा है। हालांकि, चार V4 देशों का समर्थन भारत की दावेदारी के लिए एक महत्वपूर्ण राजनयिक समर्थन है, लेकिन इससे अपने आप परिषद की संरचना में बदलाव नहीं होता। इसके लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति और संयुक्त राष्ट्र चार्टर में संशोधन की आवश्यकता होगी।


V4 India से आर्थिक और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने की तैयारी


बैठक का एजेंडा केवल सुरक्षा परिषद तक सीमित नहीं रहा। भारत और V4 देशों ने राजनीतिक संवाद को नियमित बनाने, आर्थिक सहयोग को गहरा करने और रक्षा संबंधों को नई गति देने पर सहमति जताई।


वार्षिक बिजनेस फोरम के माध्यम से दोनों पक्षों के उद्योगों और कारोबारी समुदायों के बीच संपर्क बढ़ाने की योजना है। साथ ही प्रौद्योगिकी, नवाचार, रक्षा, अंतरिक्ष और कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर तलाशने पर भी जोर दिया गया। स्लोवाकिया के अनुसार V4 India प्रारूप को नियमित संवाद और ठोस गतिविधियों के लिए आगे बढ़ाने की दिशा में यह पहली बैठक महत्वपूर्ण रही।


V4 देशों की ओर से भारत की स्थायी सदस्यता के समर्थन को नई दिल्ली की लंबे समय से चली आ रही UNSC सुधार मुहिम के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि स्थायी सदस्यता का अंतिम निर्णय व्यापक अंतरराष्ट्रीय वार्ताओं और संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों के बीच सहमति पर निर्भर करेगा।


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