SCO में PM मोदी का आतंकवाद पर कड़ा संदेश: बोले- आतंकवाद किसी के लिए रणनीतिक हथियार नहीं बन सकता
- Ashok kumar Singh

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भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) बिश्केक | 2 सितंबर 2026
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख एक बार फिर मजबूती से रखा। उन्होंने सदस्य देशों से आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री का यह संदेश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ समेत अन्य वैश्विक नेताओं की मौजूदगी में सामने आया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आतंकवाद केवल कार्रवाई और प्रतिक्रिया तक सीमित रहने वाला विषय नहीं है। इसके पीछे मौजूद आतंकवादी वित्तपोषण, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकानों के पूरे नेटवर्क को समाप्त करने की जरूरत है। उन्होंने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह के दोहरे मानदंड को स्वीकार नहीं करने की बात कही।
प्रधानमंत्री ने उन देशों के खिलाफ कड़ा संदेश देने की जरूरत बताई, जो आतंकवाद को अपनी नीति के साधन के रूप में इस्तेमाल करते हैं या आतंकवादियों को संरक्षण और समर्थन देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद को किसी भी देश के लिए रणनीतिक लाभ का साधन नहीं माना जा सकता।
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय सुरक्षा को विकास और प्रगति की बुनियादी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में किसी एक क्षेत्र का संघर्ष केवल उसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहता, बल्कि उसका प्रभाव ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं पर भी पड़ता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का समाधान युद्ध के मैदान के बजाय संवाद और कूटनीति के माध्यम से किए जाने पर भी जोर दिया। साथ ही उन्होंने SCO के माध्यम से सुरक्षा, संपर्क और अवसर के क्षेत्रों में ठोस सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता बताई।
SCO के बिश्केक घोषणापत्र में भी आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए आतंकवाद से निपटने में दोहरे मानदंडों को अस्वीकार्य बताया गया। सदस्य देशों ने सीमा-पार आतंकवाद समेत आतंकवाद के विभिन्न रूपों से मिलकर मुकाबला करने पर जोर दिया।
भारत के लिए यह संदेश इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि SCO में भारत और पाकिस्तान दोनों सदस्य हैं और इस मंच पर क्षेत्रीय सुरक्षा तथा आतंकवाद जैसे मुद्दे प्रमुख विषयों में शामिल रहे हैं।
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