पुणे IT कंपनी का बड़ा खेल! 5 महीने नहीं दी सैलरी, चेक हुए बाउंस, रातोंरात बंद हुआ ऑफिस; 700 कर्मचारी संकट में
- धन्ना राम चौधरी

- 1 जून
- 4 मिनट पठन
हिंजवड़ी आईटी पार्क की कंपनी पर कर्मचारियों का गंभीर आरोप; वेतन, सिक्योरिटी डिपॉजिट और भविष्य को लेकर बढ़ी चिंता

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
पुणे, महाराष्ट्र | 1जून 2026। पुणे के प्रसिद्ध हिंजवड़ी आईटी पार्क से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने आईटी सेक्टर में काम करने वाले हजारों युवाओं को झकझोर कर रख दिया है। कर्मचारियों के आरोपों के अनुसार, हिंजवड़ी फेज-2 में संचालित थिंक टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने अचानक अपना कार्यालय बंद कर दिया और बिना पूर्व सूचना के कामकाज समेट लिया। इस घटनाक्रम के बाद करीब 700 कर्मचारी खुद को आर्थिक और पेशेवर संकट के बीच खड़ा पा रहे हैं।
कर्मचारियों का दावा है कि कंपनी ने पिछले पांच महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया था। जब कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन की मांग की तो उन्हें दिए गए चेक कथित तौर पर बैंक में बाउंस हो गए। अब कंपनी के कार्यालय पर ताला लगने के बाद कर्मचारी अपने भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
कैसे शुरू हुआ पूरा विवाद?
जानकारी के अनुसार, थिंक टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने वर्ष 2025 में हिंजवड़ी आईटी पार्क में अपना संचालन शुरू किया था। कर्मचारियों का आरोप है कि नियुक्ति के समय प्रत्येक कर्मचारी से लगभग 15,000 रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में जमा कराया गया।
शुरुआती महीनों में कंपनी ने नियमित वेतन भुगतान किया, जिससे कर्मचारियों का भरोसा बढ़ा। लेकिन जनवरी 2026 से स्थिति बदलनी शुरू हुई। कर्मचारियों के अनुसार, वेतन भुगतान में देरी हुई और बाद में पूरी तरह रुक गया।
कई कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने लगातार पांच महीने तक वेतन के बिना काम किया, इस उम्मीद में कि कंपनी जल्द भुगतान करेगी। हालांकि ऐसा नहीं हुआ।
चेक दिए, लेकिन बैंक में हुए अस्वीकार
कर्मचारियों के अनुसार, वेतन को लेकर बढ़ते दबाव के बीच कंपनी प्रबंधन ने उन्हें भुगतान के लिए चेक जारी किए। लेकिन जब कर्मचारियों ने इन चेकों को बैंक में जमा कराया, तो वे कथित रूप से बाउंस हो गए।
इस घटना ने कर्मचारियों की चिंताओं को और बढ़ा दिया। कई कर्मचारियों का कहना है कि वे किराए के मकानों में रह रहे हैं और उनके सामने घर का किराया, बच्चों की पढ़ाई, बैंक लोन की किश्तें तथा रोजमर्रा के खर्च चलाने की चुनौती खड़ी हो गई है।
700 कर्मचारियों पर आर्थिक संकट
सबसे बड़ी चिंता उन कर्मचारियों को लेकर है जो दूसरे राज्यों और शहरों से पुणे में नौकरी करने आए थे। नौकरी छूटने और बकाया वेतन फंसने के कारण कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
कुछ कर्मचारियों ने बताया कि वे पिछले कई महीनों से बचत के सहारे जीवनयापन कर रहे थे। अब बचत भी समाप्त होने लगी है और नए रोजगार की तलाश उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती बन गई है।
पुलिस तक पहुंचा मामला
बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्रित होकर स्थानीय पुलिस स्टेशन पहुंचे और कंपनी प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई।
कर्मचारियों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए तथा यदि किसी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या धोखाधड़ी सामने आती है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
फिलहाल संबंधित एजेंसियों द्वारा मामले की जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। कंपनी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने का इंतजार है।
आईटी सेक्टर के लिए चेतावनी?
विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला कर्मचारियों के अधिकारों, कॉर्पोरेट जवाबदेही और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।
यदि कर्मचारियों के आरोप सही साबित होते हैं, तो यह घटना आईटी सेक्टर में रोजगार सुरक्षा और नियामकीय निगरानी पर व्यापक बहस को जन्म दे सकती है।
फैक्ट बॉक्स
- कंपनी का नाम: थिंक टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड
- स्थान: हिंजवड़ी आईटी पार्क, फेज-2, पुणे
- प्रभावित कर्मचारी: लगभग 700
- आरोप: 5 महीने से वेतन बकाया
- दावा: भुगतान के लिए दिए गए चेक बाउंस हुए
- कार्रवाई: कर्मचारियों ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई
आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? (FAQ)
प्रश्न 1: मामला किस कंपनी से जुड़ा है?
उत्तर: कर्मचारियों के अनुसार यह मामला थिंक टेक्नोलॉजी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से जुड़ा है।
प्रश्न 2: कितने कर्मचारी प्रभावित हुए हैं?
उत्तर: रिपोर्टों और कर्मचारियों के दावों के अनुसार लगभग 700 कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।
प्रश्न 3: कर्मचारियों का मुख्य आरोप क्या है?
उत्तर: कर्मचारियों का आरोप है कि पांच महीने तक वेतन नहीं दिया गया और जारी किए गए चेक बाउंस हो गए।
प्रश्न 4: क्या पुलिस में शिकायत दर्ज हुई है?
उत्तर: कर्मचारियों ने कंपनी प्रबंधन के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
प्रश्न 5: क्या कंपनी का पक्ष सामने आया है?
उत्तर: उपलब्ध जानकारी के अनुसार कंपनी की विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।
निष्कर्ष
पुणे के हिंजवड़ी आईटी पार्क से सामने आया यह मामला केवल एक कंपनी या कुछ कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह रोजगार सुरक्षा, कॉर्पोरेट जवाबदेही और कर्मचारियों के अधिकारों से जुड़े महत्वपूर्ण सवाल उठाता है। जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी, लेकिन फिलहाल सैकड़ों परिवार अनिश्चितता और आर्थिक दबाव के दौर से गुजर रहे हैं।
अब आपकी बारी!
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