पर्यावरण संरक्षण का संदेश, बच्चों के व्यक्तित्व विकास पर विशेष कार्यशाला
- धन्ना राम चौधरी

- 8 जून
- 3 मिनट पठन
ऐ जी कलाश्री पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट के आयोजन में पर्यावरण जागरूकता, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और मेधावी विद्यार्थियों के सम्मान ने बांधा समां।

भारतार्थ खबर | संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
डेटलाइन | बेंगलुरु, 08 जून 2026| विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर ऐ जी कलाश्री पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा ऐ जी सभागार में पर्यावरण संरक्षण एवं बच्चों के व्यक्तित्व विकास विषय पर एक प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण जागरूकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति और युवा प्रतिभाओं के सम्मान का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि महेंद्र मुणोत द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। इसके बाद कलाश्री एवं सुचेता कलविद तंडा द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया। कला और संस्कृति से सजी प्रस्तुतियों ने समाज में भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संदेश दिया।
कार्यशाला के दौरान प्रोफेसर रंग लक्ष्मी श्रीनिवास ने मोबाइल फोन की उपयोगिता और उसके दुष्प्रभावों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों और अभिभावकों को डिजिटल उपकरणों के संतुलित उपयोग की आवश्यकता समझाते हुए कहा कि तकनीक का सही उपयोग विकास का माध्यम बन सकता है, लेकिन अत्यधिक निर्भरता बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास को प्रभावित कर सकती है।
मुख्य अतिथि महेंद्र मुणोत ने अपने संबोधन में पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि "प्रकृति ही जीवन है और जीवन ही प्रकृति है। यदि हम चाहते हैं कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, शुद्ध जल, हरित वातावरण और स्वस्थ जीवन मिले तो हमें प्रकृति के साथ मित्रवत व्यवहार करना होगा।"
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक प्रदूषण आज पूरी दुनिया के सामने एक गंभीर चुनौती बन चुका है। इसके समाधान के लिए प्रत्येक नागरिक को पेड़-पौधे लगाने, प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। श्रीधर कुंबले ने विद्यार्थियों को पुरस्कार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों और सहयोगियों का सम्मान किया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हैं बल्कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करते हैं।
Fact Box
- आयोजनकर्ता: ऐ जी कलाश्री पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट
- अवसर: विश्व पर्यावरण दिवस
- स्थान: ऐ जी सभागार, बेंगलुरु
- मुख्य अतिथि: महेंद्र मुणोत
- विशेष वक्ता: प्रोफेसर रंग लक्ष्मी श्रीनिवास
- मुख्य विषय: पर्यावरण संरक्षण एवं व्यक्तित्व विकास
- विशेष आकर्षण: सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
FAQ Section
Q1. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या था?
पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और बच्चों के व्यक्तित्व विकास को प्रोत्साहित करना।
Q2. मुख्य अतिथि कौन थे?
महेंद्र मुणोत ने मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम का उद्घाटन किया।
Q3. कार्यशाला में किन विषयों पर चर्चा हुई?
मोबाइल फोन की उपयोगिता एवं दुष्प्रभाव, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी पर चर्चा हुई।
Q4. विद्यार्थियों को क्यों सम्मानित किया गया?
शैक्षणिक एवं अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
निष्कर्ष: ऐ जी कलाश्री पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट का यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, सांस्कृतिक मूल्यों और बच्चों के सर्वांगीण विकास के प्रति समाज की जिम्मेदारी को दर्शाता है। ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और जागरूकता का मजबूत माध्यम बनते हैं।
News Source: ऐ जी कलाश्री पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा जारी कार्यक्रम विवरण एवं आयोजन समिति से प्राप्त जानकारी।
आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं?
क्या पर्यावरण संरक्षण को लेकर समाज में और अधिक जागरूकता की आवश्यकता है?
क्या स्कूलों और सामाजिक संस्थाओं को ऐसे कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने चाहिए?
अब आपकी बारी! अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।
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