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महावीर विद्या दान परियोजना को बड़ा संबल: महेंद्र मुणोत बने प्रायोजक, 51 हजार विद्यार्थियों तक पहुंचेगा ज्ञान का उपहार

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 4 जून
  • 4 मिनट पठन

जैन युवा संगठन की महत्वाकांक्षी शिक्षा पहल को मिला मजबूत सहयोग, कर्नाटक के सरकारी विद्यालयों में 51,000 निःशुल्क नोटबुक्स वितरित करने का लक्ष्य


जैन युवा संगठन के पदाधिकारियों के साथ महेंद्रजी मुणोत, महावीर विद्या दान परियोजना को सहयोग देने की घोषणा के दौरान।
जैन युवा संगठन के पदाधिकारियों के साथ महेंद्रजी मुणोत, महावीर विद्या दान परियोजना को सहयोग देने की घोषणा के दौरान।

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

डेटलाइन: बेंगलुरु (कर्नाटक), 04 जून 2026। शिक्षा के माध्यम से समाज परिवर्तन की दिशा में जैन युवा संगठन (JYS) ने एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायी कदम उठाया है। संगठन द्वारा पहली बार प्रारंभ की जा रही महत्वाकांक्षी ‘महावीर विद्या दान’ परियोजना को अब समाजसेवी, प्रख्यात दानवीर एवं मारुति मेडिकल्स, बेंगलुरु के संचालक श्री महेंद्रजी मुणोत का महत्वपूर्ण सहयोग प्राप्त हुआ है। उनके प्रायोजक के रूप में जुड़ने से इस जनहितकारी अभियान को नई ऊर्जा, व्यापक समर्थन और मजबूत आधार मिला है।

कर्नाटक के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में 51,000 निःशुल्क नोटबुक्स वितरित करने का लक्ष्य लेकर शुरू की गई यह परियोजना केवल शैक्षणिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार, नैतिक मूल्यों और अध्ययन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करने का भी प्रयास है। शिक्षा और संस्कार के इस अनूठे संगम को समाज के विभिन्न वर्गों से सराहना मिल रही है।

JYS प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य भेंट

हाल ही में जैन युवा संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने श्री महेंद्रजी मुणोत से सौजन्य मुलाकात कर उन्हें संगठन की विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सेवा गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान महावीर विद्या दान परियोजना की रूपरेखा, उद्देश्य और इसके सामाजिक प्रभावों पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक के दौरान संगठन के अध्यक्ष मुकेश सुराणा ने JYS की गौरवशाली परंपरा और समाजहित में किए जा रहे विभिन्न कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि संगठन लंबे समय से शिक्षा, सेवा और संस्कारों के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। युवाओं को सामाजिक जिम्मेदारियों से जोड़ना और उनमें सेवा भाव विकसित करना संगठन की प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने कहा कि महावीर विद्या दान परियोजना आने वाली पीढ़ियों को शिक्षा और संस्कारों से जोड़ने का एक दूरदर्शी प्रयास है, जो हजारों विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखता है।

51,000 विद्यार्थियों तक पहुंचेगा शिक्षा का संदेश

परियोजना के चेयरमैन महावीर मुणोत ने बताया कि इस अभियान के तहत कर्नाटक के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में 51,000 नोटबुक्स का निःशुल्क वितरण किया जाएगा। इन नोटबुक्स के माध्यम से विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ भगवान महावीर के जीवन मूल्यों, अहिंसा, करुणा, अनुशासन और नैतिकता का संदेश भी पहुंचाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि यह केवल सामग्री वितरण का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि शिक्षा के माध्यम से चरित्र निर्माण और संस्कारों के प्रसार का एक व्यापक अभियान है। संगठन का विश्वास है कि शिक्षा और नैतिक मूल्यों का समन्वय ही समाज को बेहतर दिशा दे सकता है।

महेंद्रजी मुणोत ने की पहल की सराहना

इस अवसर पर श्री महेंद्रजी मुणोत ने महावीर विद्या दान परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा समाज के विकास और सशक्तिकरण का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके शिक्षित नागरिकों पर निर्भर करती है और विद्यार्थियों को आवश्यक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

उन्होंने जैन युवा संगठन द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे इस अभिनव प्रयास की प्रशंसा की तथा भविष्य में भी ऐसे जनकल्याणकारी कार्यों के लिए अपना सहयोग और मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया।

प्रेरणादायी वातावरण में संपन्न हुई बैठक

बैठक सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई। इस अवसर पर जैन युवा संगठन के पूर्व मंत्री मदन मुणोत, कार्यकारिणी सदस्य मनीष चावत, वरिष्ठ सदस्य सुनील लोढ़ा तथा जैन युवा संगठन सेवा ट्रस्ट के ट्रस्टी रिखब लोढ़ा सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे।

सभी उपस्थित सदस्यों ने इस परियोजना को शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में एक मील का पत्थर बताते हुए इसके सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्धता व्यक्त की।

ज्ञान दान की भावना को मिलेगा नया विस्तार

महावीर विद्या दान परियोजना का मूल उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को नोटबुक्स उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि उन्हें शिक्षा के प्रति प्रेरित करना, आत्मविश्वास बढ़ाना और जीवन मूल्यों से जोड़ना भी है। यह अभियान “ज्ञान दान ही श्रेष्ठ दान” की भावना को साकार करने की दिशा में एक सार्थक और अनुकरणीय पहल माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिक्षा के साथ संस्कारों का समावेश किया जाए तो समाज में दीर्घकालिक सकारात्मक परिवर्तन संभव है। यही कारण है कि महावीर विद्या दान परियोजना को समाज में व्यापक समर्थन और सराहना मिल रही है।

News Source: प्रेषित जानकारी: जैन युवा संगठन (JYS), बेंगलुरु

Fact Box

परियोजना: महावीर विद्या दान

आयोजक: जैन युवा संगठन (JYS)

प्रायोजक: श्री महेंद्रजी मुणोत, मारुति मेडिकल्स, बेंगलुरु

लाभार्थी: कर्नाटक के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी

लक्ष्य: 51,000 निःशुल्क नोटबुक्स वितरण

मुख्य उद्देश्य: शिक्षा, संस्कार एवं सामाजिक जागरूकता

आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं? FAQ

Q1. महावीर विद्या दान परियोजना क्या है?

यह जैन युवा संगठन की शिक्षा एवं संस्कार आधारित पहल है जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को निःशुल्क नोटबुक्स वितरित की जाएंगी।

Q2. इस परियोजना का प्रायोजन किसने किया है?

मारुति मेडिकल्स, बेंगलुरु के संचालक एवं समाजसेवी श्री महेंद्रजी मुणोत ने परियोजना का प्रायोजन स्वीकार किया है।

Q3. कितनी नोटबुक्स वितरित की जाएंगी?

परियोजना के तहत 51,000 निःशुल्क नोटबुक्स वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है।

Q4. लाभार्थी कौन होंगे?

कर्नाटक के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित होंगे।

Q5. परियोजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

शिक्षा को बढ़ावा देना, विद्यार्थियों को शैक्षणिक सहयोग प्रदान करना तथा भगवान महावीर के जीवन मूल्यों का प्रसार करना।

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