IMA में 94 साल बाद इतिहास: महिला कैडेट्स ने पार किया ‘अंतिम पग’
- धन्ना राम चौधरी

- 13 जून
- 3 मिनट पठन
पहली बार पुरुष कैडेट्स के साथ कदमताल कर भारतीय सेना में शामिल हुईं 9 महिला अफसर

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
देहरादून | 13 जून, 2026| भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) के 94 साल के इतिहास में पहली बार ऐसा ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेट्स के साथ “अंतिम पग” पार कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा। देहरादून स्थित इंडियन मिलिट्री अकादमी की पासिंग आउट परेड इस बार सिर्फ एक सैन्य समारोह नहीं, बल्कि भारतीय सेना में बदलते दौर और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बन गई।
13 जून 2026 को आयोजित इस भव्य पासिंग आउट परेड में कुल 481 भारतीय कैडेट्स और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट्स पास आउट हुए। इनमें 9 महिला कैडेट्स ने पहली बार पुरुष कैडेट्स के साथ कदमताल करते हुए भारतीय सेना में स्थायी कमीशन प्राप्त किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली और युवा सैन्य अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया।
IMA की स्थापना 1 अक्टूबर 1932 को हुई थी। तब से लेकर अब तक करीब 65 हजार से ज्यादा सैन्य अधिकारी यहां से प्रशिक्षित होकर भारतीय सेना में शामिल हो चुके हैं। लेकिन पहली बार महिला कैडेट्स का इसी मंच से अधिकारी बनना इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है।
दरअसल, अगस्त 2022 में राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) में महिला कैडेट्स के पहले बैच ने प्रवेश लिया था। तीन वर्षों की कठिन सैन्य ट्रेनिंग और अनुशासन से गुजरने के बाद मई 2025 में 18 महिला कैडेट्स ग्रेजुएट हुईं। इनमें से 9 महिला कैडेट्स ने भारतीय सेना में शामिल होने का फैसला लिया और देहरादून स्थित IMA में करीब एक वर्ष की एडवांस ट्रेनिंग पूरी की।
इस ऐतिहासिक बदलाव को भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। इससे पहले महिलाएं मुख्य रूप से ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), आर्म्ड फोर्सेज मेडिकल सर्विस और मिलिट्री नर्सिंग सर्विस के जरिए सेना में अपनी सेवाएं दे रही थीं। लेकिन अब IMA से स्थायी कमीशन के साथ सेना में शामिल होना एक नई शुरुआत माना जा रहा है।
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आने वाले समय में भारतीय सेना की संरचना और कार्यशैली में भी सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। सोशल मीडिया पर भी इस ऐतिहासिक पल की जमकर सराहना हो रही है और लोग महिला कैडेट्स को देश की नई प्रेरणा बता रहे हैं।
Fact Box
- आयोजन: IMA Passing Out Parade 2026
- स्थान: देहरादून
- पहली बार: महिला कैडेट्स ने “अंतिम पग” पार किया
- कुल महिला अफसर: 9
- कुल भारतीय कैडेट्स: 481
- विदेशी कैडेट्स: 34
- सलामी ली: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
FAQ Section
सवाल 1: IMA में क्या ऐतिहासिक हुआ?
पहली बार 9 महिला कैडेट्स ने पुरुष कैडेट्स के साथ “अंतिम पग” पार कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में प्रवेश किया।
सवाल 2: IMA का गठन कब हुआ था?
भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) की स्थापना 1 अक्टूबर 1932 को हुई थी।
सवाल 3: महिला कैडेट्स NDA में कब शामिल हुई थीं?
महिला कैडेट्स के पहले बैच ने अगस्त 2022 में NDA में प्रवेश लिया था।
सवाल 4: इस बार कितने कैडेट्स पास आउट हुए?
कुल 481 भारतीय और 34 विदेशी कैडेट्स पास आउट हुए।
सवाल 5: परेड की सलामी किसने ली?
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने परेड की सलामी ली।
निष्कर्ष: IMA की यह ऐतिहासिक पासिंग आउट परेड भारतीय सेना में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और बदलते भारत की नई तस्वीर पेश करती है। यह सिर्फ सैन्य उपलब्धि नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और समान अवसरों की दिशा में एक मजबूत कदम भी है।
News Source: भारतीय सैन्य अकादमी, रक्षा सूत्र एवं मीडिया रिपोर्ट्स
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