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धनबाद में 50 फीट धंसी सड़क, 30 गांवों का संपर्क टूटा

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 20 जून
  • 3 मिनट पठन

निरसा में भू-धंसान से मचा हड़कंप, ग्रामीणों ने प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप


निरसा क्षेत्र में भू-धंसान के बाद पाताल में समाई सड़क का भयावह दृश्य
निरसा क्षेत्र में भू-धंसान के बाद पाताल में समाई सड़क का भयावह दृश्य

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

धनबाद (झारखंड) | 20 जून, 2026| झारखंड के कोयलांचल क्षेत्र धनबाद से एक बेहद चौंकाने वाली और डराने वाली घटना सामने आई है। निरसा थाना क्षेत्र के गोपालगंज-बेनागड़िया मुख्य मार्ग पर हुए भीषण भू-धंसान ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। गुरुवार देर रात करीब 12 बजे अचानक जोरदार धमाके जैसी आवाज के साथ लगभग 50 फीट लंबी और 14 फीट चौड़ी पक्की सड़क जमीन में समा गई। इस भयावह हादसे के बाद करीब 30 गांवों का निरसा प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि घटना के समय सड़क पर कोई वाहन मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा जानलेवा हादसा टल गया।

धनबाद भू-धंसान की इस घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सड़क धंसने से सोनबाद, बेनागड़िया, घाघरा, खुशरी, पांडरा बैजड़ा और सिजुआ पंचायत समेत कई गांवों के लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई है। ग्रामीणों के अनुसार यह सड़क इलाके की लाइफलाइन मानी जाती है और इसके धंसने से रोजमर्रा की जिंदगी पर गहरा असर पड़ा है।

घटना के बाद ईसीएल (ECL) प्रबंधन और आउटसोर्सिंग कंपनी ने आनन-फानन में सड़क के किनारे अस्थायी कच्चा रास्ता तैयार कराया ताकि लोगों की आवाजाही किसी तरह जारी रह सके। लेकिन ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग घटनास्थल पर जुट गए और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चापापुर कोलियरी में कार्यरत आउटसोर्सिंग कंपनी द्वारा सड़क से महज 30 से 40 फीट की दूरी पर भारी ब्लास्टिंग की गई थी। लोगों का कहना है कि पहले से कमजोर जमीन और अंडरग्राउंड माइनिंग के कारण यह क्षेत्र बेहद संवेदनशील बना हुआ था। इसके बावजूद लगातार भारी वाहनों और ओवरलोडेड हाइवा ट्रकों का परिचालन जारी रखा गया, जिसने सड़क की स्थिति और कमजोर कर दी।

ग्रामीणों का आरोप है कि मुनाफे की होड़ में आउटसोर्सिंग कंपनियां सरकारी सड़कों की सुरक्षा तक नजरअंदाज कर रही हैं। क्षेत्र के लोगों ने बताया कि लंबे समय से सड़क की स्थिति खराब थी और भारी वाहनों के कारण हादसे की आशंका बनी हुई थी। इसके बावजूद जिम्मेदार एजेंसियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला परिषद सदस्य पिंकी मरांडी ने भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह सड़क ग्रामीणों की जीवनरेखा है और इसका इस तरह ध्वस्त होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि ग्रामीणों की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

घटना की सूचना मिलते ही एटक नेता अशोक मंडल भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लगातार ओवरलोडिंग और लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ है। वहीं निरसा थाना प्रभारी अजीत कुमार भारती ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और प्रबंधन को जल्द से जल्द स्थायी समाधान निकालने के निर्देश दिए गए हैं।

Fact Box

- घटना स्थल: गोपालगंज-बेनागड़िया मुख्य मार्ग, निरसा

- हादसा: भीषण भू-धंसान

- सड़क धंसने का आकार: 50 फीट लंबाई, 14 फीट चौड़ाई

- प्रभावित क्षेत्र: 30 गांव

- आरोप: भारी ब्लास्टिंग और ओवरलोडिंग

- वैकल्पिक व्यवस्था: अस्थायी कच्चा रास्ता तैयार

- जांच: पुलिस एवं प्रशासन सक्रिय

FAQ Section

प्रश्न 1: धनबाद में सड़क कहां धंसी?

उत्तर: निरसा थाना क्षेत्र के गोपालगंज-बेनागड़िया मुख्य मार्ग पर सड़क धंसी।

प्रश्न 2: हादसे में कितने गांव प्रभावित हुए?

उत्तर: करीब 30 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।

प्रश्न 3: ग्रामीणों ने किस पर आरोप लगाए?

उत्तर: ग्रामीणों ने आउटसोर्सिंग कंपनी और कोलियरी प्रबंधन पर भारी ब्लास्टिंग और ओवरलोडिंग के आरोप लगाए हैं।

प्रश्न 4: क्या कोई जनहानि हुई?

उत्तर: नहीं, घटना के समय सड़क पर कोई वाहन नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

प्रश्न 5: प्रशासन ने क्या कदम उठाए?

उत्तर: पुलिस और प्रबंधन ने वैकल्पिक रास्ता तैयार कराया है और सड़क मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं।

निष्कर्ष: धनबाद के निरसा क्षेत्र में हुआ यह भू-धंसान एक गंभीर चेतावनी के रूप में सामने आया है। लगातार खनन, भारी ब्लास्टिंग और ओवरलोडिंग के आरोपों के बीच सड़क का धंसना प्रशासन और प्रबंधन की कार्यशैली पर बड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल राहत की बात यह है कि कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में इससे भी बड़ा हादसा हो सकता है।

News Source: स्थानीय ग्रामीण, ईसीएल प्रबंधन, निरसा पुलिस एवं क्षेत्रीय सूत्र

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