BSY की 50 साल की राजनीति का ‘गोल्डन मोमेंट’: अमित शाह बोले— युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं येदियुरप्पा
- धन्ना राम चौधरी

- 10 मई
- 4 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)
चित्रदुर्ग, कर्नाटक। केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने रविवार को कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री B. S. Yediyurappa का पांच दशक लंबा सार्वजनिक जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा और संघर्ष का जीवंत उदाहरण है। चित्रदुर्ग में आयोजित BSY के राजनीतिक जीवन की गोल्डन जुबली समारोह में अमित शाह ने कहा कि “येदियुरप्पा ने साधारण परिवार से निकलकर अपने संघर्ष, संगठन क्षमता और किसानों के प्रति समर्पण से एक अलग पहचान बनाई है।”
समारोह में अमित शाह ने ‘केंदावरे- कमल के फूल की कहानी’ और ‘सदना शिकारी- येदियुरप्पा के गरजते शब्द’ पुस्तकों का विमोचन भी किया। कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेता, संत-महात्मा और हजारों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संघर्ष से शिखर तक: अमित शाह ने गिनाईं BSY की उपलब्धियां
अमित Shah ने अपने संबोधन में कहा कि येदियुरप्पा ने भाजपा को दक्षिण भारत में मजबूत करने के लिए गांव-गांव जाकर काम किया। उन्होंने दावा किया कि शुरुआती दिनों में जब बस सुविधा नहीं मिलती थी, तब वे साइकिल से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचते थे और संगठन को खड़ा करने में जुटे रहते थे।
उन्होंने कहा कि BSY ने किसानों की समस्याओं को लेकर लंबी पदयात्राएं कीं, आंदोलनों का नेतृत्व किया और जेल भी गए। इसी संघर्ष ने उन्हें “किसान नेता” के रूप में स्थापित किया।
गृह मंत्री ने कहा,
“कुछ लोग तय रास्तों पर चलते हैं, लेकिन कुछ लोग नए रास्ते बनाते हैं। येदियुरप्पा ऐसे ही नेता हैं जिन्होंने अपनी इच्छाशक्ति, राष्ट्रभक्ति और संघ संस्कृति के बल पर अलग पहचान बनाई।”
कर्नाटक से बंगाल तक BJP विस्तार का जिक्र
अपने भाषण में अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की राजनीति का भी उल्लेख किया और कहा कि भाजपा अब नए क्षेत्रों में अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस धरती ने Swami Vivekananda और Syama Prasad Mukherjee जैसे व्यक्तित्व दिए, वहां “नए युग” की शुरुआत हो रही है।
हालांकि, उन्होंने अपने संबोधन में मुख्य फोकस येदियुरप्पा के योगदान और भाजपा संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका पर रखा।
धार्मिक और सामाजिक नेतृत्व की मौजूदगी बनी चर्चा का केंद्र
समारोह में विभिन्न धर्मों और परंपराओं से जुड़े संतों और स्वामीजी की मौजूदगी भी आकर्षण का केंद्र रही। अमित शाह ने कहा कि यह सम्मान और स्वीकार्यता BSY की सामाजिक स्वीकार्यता और जनसंपर्क का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि कर्नाटक में कृषि बजट पेश करते समय हरी शॉल ओढ़ने का प्रतीकात्मक कदम किसानों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
चित्रदुर्ग की वीर भूमि का भी किया उल्लेख
अमित शाह ने चित्रदुर्ग की ऐतिहासिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह वीरता और संघर्ष की भूमि रही है। उन्होंने Madakari Nayaka और वीरांगना Onake Obavva को श्रद्धांजलि दी।
उन्होंने कहा कि ओबव्वा का साहस आज भी युवाओं और बच्चों को प्रेरित करता है।
सी.टी. रवि ने पेश किया 50 साल की सेवा का ब्यौरा
कार्यक्रम में पूर्व मंत्री C. T. Ravi ने BSY के 50 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक उपलब्धियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव B. L. Santhosh सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने भी येदियुरप्पा को शुभकामनाएं दीं।
समारोह के दौरान अमित शाह का भी सम्मान किया गया।
राजनीतिक संदेश क्या हैं?
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कार्यक्रम केवल सम्मान समारोह नहीं बल्कि दक्षिण भारत में भाजपा की संगठनात्मक ताकत और पुराने नेतृत्व के प्रति सम्मान का संदेश भी माना जा रहा है। खासतौर पर कर्नाटक की राजनीति में BSY अब भी प्रभावशाली चेहरा बने हुए हैं।
Fact Check | प्रमुख तथ्य
BSY का राजनीतिक जीवन: लगभग 50 वर्ष
कार्यक्रम स्थल: चित्रदुर्ग, कर्नाटक
मुख्य अतिथि: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह
पुस्तकों का विमोचन: ‘केंदावरे- कमल के फूल की कहानी’ और ‘सदना शिकारी- येदियुरप्पा के गरजते शब्द’
मुख्य विषय: भाजपा संगठन, किसान आंदोलन और सार्वजनिक जीवन में योगदान
FAQ | लोगों के मन में उठ रहे सवाल
Q1. BSY कौन हैं?
BSY यानी बी.एस. येदियुरप्पा कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं।
Q2. अमित शाह ने उन्हें रोल मॉडल क्यों कहा?
अमित शाह के अनुसार, BSY ने संघर्ष, संगठन निर्माण और किसानों के लिए लंबे समय तक काम कर युवाओं के लिए उदाहरण पेश किया।
Q3. समारोह में कौन-कौन शामिल हुआ?
भाजपा के वरिष्ठ नेता, संत-महात्मा, स्वामीजी और हजारों कार्यकर्ता समारोह में मौजूद रहे।
Q4. कार्यक्रम का राजनीतिक महत्व क्या माना जा रहा है?
विश्लेषकों का मानना है कि यह कार्यक्रम दक्षिण भारत में भाजपा के संगठनात्मक संदेश और पुराने नेतृत्व के सम्मान का संकेत है।
Q5. कौन-सी पुस्तकों का विमोचन हुआ?
‘केंदावरे- कमल के फूल की कहानी’ और ‘सदना शिकारी- येदियुरप्पा के गरजते शब्द’ पुस्तकों का विमोचन किया गया।
निष्कर्ष : कर्नाटक की राजनीति में बी.एस. येदियुरप्पा का प्रभाव आज भी कायम है। 50 वर्षों के राजनीतिक सफर पर आयोजित यह समारोह केवल सम्मान का मंच नहीं बल्कि भाजपा के संगठनात्मक इतिहास और दक्षिण भारत में उसके विस्तार की कहानी भी बन गया। आने वाले समय में कर्नाटक की राजनीति में BSY की भूमिका कितनी सक्रिय रहती है, इस पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।
Source : भाजपा कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का संबोधन, चित्रदुर्ग, कर्नाटक।
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