top of page
_edited.jpg)
भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


रिश्तों की महक आख़िरी रोटी (भाग–5)
माँ की खाली थाली... और तीन बेटों की आँखों से बहते वर्षों पुराने आँसू
गौरी के मासूम प्रश्न के बाद पूरे आँगन में ऐसा सन्नाटा छा गया, मानो समय अचानक ठहर गया हो।
सरस्वती देवी अब भी मुस्कुरा रही थीं।
उन्होंने आख़िरी रोटी के छोटे-छोटे टुकड़े किए और धीरे से कहा—
"लो बिटिया... इसे तुम लोग बाँटकर खा लो। मैं बाद में खा लूँगी।"
लेकिन इस बार उनकी आवाज़ में वही दृढ़ता नहीं थी, जो बरसों पहले हुआ करती थी।
राघव धीरे-धीरे उठा।
उसकी नज़र पहली बार माँ की थाली पर गई।
वहाँ... कोई रोटी नहीं

Ashok kumar Singh
11 अग॰3 मिनट पठन


शालिभद्र जी की 99 पेटियों का भव्य मंचन, भक्ति से गूंजा दादावाड़ी
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 10 अगस्त, 2026। श्री जिन कुशल सूरी जैन दादावाड़ी, बसवनगुडी में चातुर्मास के रविवारीय विशेष कार्यक्रम के दौरान शालिभद्र जी की 99 पेटियां उतारने की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा का भावपूर्ण मंचन किया गया। श्री जिन कुशल सूरी जैन दादावाड़ी ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव के साथ सहभागिता की और शालिभद्र जी के जीवन से जुड़े त्याग, तपस्या, संयम, संतोष एवं सुपात्र दान क

धन्नाराम चौधरी
11 अग॰3 मिनट पठन
bottom of page