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भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


बंगाल 2026: दीदी बनाम भगवा, किसका पलड़ा भारी?
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। 2026 का विधानसभा चुनाव केवल सत्ता परिवर्तन का सवाल नहीं, बल्कि ‘अस्मिता बनाम विचारधारा’ की सीधी टक्कर बन चुका है। एक ओर ममता बनर्जी अपनी ‘बंगाली पहचान’ और कल्याणकारी योजनाओं के सहारे चौथी बार सत्ता में वापसी का दम भर रही हैं, तो दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी ‘हिंदुत्व और राष्ट्रवाद’ के एजेंडे के साथ राज्य में सत्ता का दरवाजा खोलने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है।

धन्ना राम चौधरी
6 अप्रैल3 मिनट पठन


बंगाल में ‘दीदी बनाम भाजपा’ की जंग तेज, ममता की तीन ताकतों पर टिकी टीएमसी की उम्मीदें
कोलकाता। देश के कई राज्यों—असम, केरल, तमिलनाडु और केंद्रशासित प्रदेश पुदुचेरी—में विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, लेकिन सियासी नजरें सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल पर टिकी हैं। मीडिया और राजनीतिक गलियारों में मुकाबला सीधे तौर पर ममता बनर्जी बनाम भाजपा के रूप में देखा जा रहा है।
जहां अन्य राज्यों में क्षेत्रीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे चुनावी दिशा तय कर रहे हैं, वहीं बंगाल में यह चुनाव राष्ट्रीय राजनीतिक प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है।

धन्ना राम चौधरी
30 मार्च3 मिनट पठन
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