रामराज्याभिषेक से भक्तिमय हुआ कथा पंडाल
- धन्नाराम चौधरी

- 24 अग॰
- 2 मिनट पठन

भारतार्थ खबर Bhaarataarth.com बेंगलूररु। 24 अगस्त 2026। श्री मातेश्वरी भक्त मंडल के तत्वावधान में होसूर भण्डे स्थित श्री कृष्णा गौ सेवा आश्रम गोशाला में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन सोमवार को रामराज्याभिषेक का प्रसंग श्रद्धा और उल्लास के साथ प्रस्तुत किया गया। कथा परिसर में अयोध्या धाम जैसा भक्तिमय वातावरण दिखाई दिया।
कथा व्यास संत किशोरचन्द रामायणी ने प्रभु श्रीराम के 14 वर्ष का वनवास पूर्ण कर माता सीता और लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटने तथा उनके राज्याभिषेक का प्रसंग भावपूर्ण ढंग से सुनाया। उन्होंने बताया कि प्रभु श्रीराम के अयोध्या लौटने पर पूरी नगरी में हर्ष और उत्सव का वातावरण छा गया। प्रजा ने दीप जलाकर अपने आराध्य का स्वागत किया, जिसके बाद विधि-विधान से श्रीराम का राज्याभिषेक हुआ और रामराज्य की स्थापना का वर्णन किया गया।
कथा प्रसंग को प्रभावी बनाने के लिए कलाकारों ने श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण के अयोध्या आगमन की जीवंत झांकी प्रस्तुत की। श्रीराम के स्वरूप के आगमन पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। राज्याभिषेक की झांकी ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। इस दौरान पंडाल में दीपावली जैसा उत्सवी माहौल रहा और श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयघोष किए।
संत किशोरचन्द रामायणी ने कहा कि रामराज्य में प्रजा सुखी और समृद्ध थी तथा अन्याय के लिए कोई स्थान नहीं था। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग, सेवा और कर्तव्य का संदेश देता है। उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने से परिवार और समाज में सुख, शांति तथा सद्भाव को बढ़ावा मिल सकता है।
कथा के दौरान भजनों और जयघोषों से वातावरण लगातार भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर रामराज्याभिषेक प्रसंग का आनंद लिया। कार्यक्रम के समापन पर आरती की गई तथा श्रद्धालुओं को महाप्रसादी वितरित की गई।
आरती एवं महाप्रसादी के लाभार्थियों में सज्जयराम, ढलाराम, सुजाराम एवं किरण पंवार परिवार तथा ममता ग्रूप, मागडी रोड रहे।
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