top of page
भारतार्थ-logo

बेंगलुरु में टेरर साजिश: ‘छोटा उस्मान’ को 7 साल की सजा, NIA का बड़ा एक्शन

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 3 मई
  • 3 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, बेंगलुरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलुरु। बेंगलुरु में खतरनाक आतंकी साजिश, चौंकाने वाला खुलासा और कड़ा न्यायिक फैसला—इन तीनों ने मिलकर देश की सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता को फिर साबित कर दिया है। National Investigation Agency (NIA) की जांच में सामने आए टेरर प्लॉट मामले में विशेष अदालत ने विक्रम कुमार उर्फ ‘छोटा उस्मान’ को 7 साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। लश्कर-ए-तैयबा नेटवर्क, जेल के अंदर से रची गई साजिश और बेंगलुरु में संभावित सीरियल ब्लास्ट की योजना—इस पूरे केस ने सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा दी थी।


कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आतंकी साजिश के एक बड़े मामले में निर्णायक मोड़ आया है। विशेष NIA अदालत ने विक्रम कुमार उर्फ ‘छोटा उस्मान’ को भारतीय दंड संहिता (IPC), गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और विस्फोटक पदार्थ अधिनियम के तहत दोषी ठहराते हुए 7 साल की सश्रम कारावास (RI) और 30,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह फैसला National Investigation Agency (NIA) की लंबी और गहन जांच का परिणाम है। विक्रम इस मामले में सजा पाने वाला आठवां आरोपी बन गया है। इससे पहले अदालत सात अन्य आरोपियों को भी सजा सुना चुकी है, जिनमें इस साजिश का मास्टरमाइंड और लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से जुड़ा आतंकी टी. नासिर भी शामिल है।

जेल के अंदर रची गई साजिश

जांच में सामने आया कि इस पूरी साजिश की जड़ें जेल के भीतर तक फैली हुई थीं। टी. नासिर, जो 2008 के बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट मामले में विचाराधीन कैदी था, उसने परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में रहते हुए इस आतंकी नेटवर्क को सक्रिय किया। वहीं, सह-आरोपी जुनैद अहमद के साथ मिलकर उसने विक्रम कुमार को कट्टरपंथी बनाकर आतंकी गतिविधियों में शामिल किया। जेल से बाहर आने के बाद भी विक्रम लगातार इन दोनों के संपर्क में रहा और उनके निर्देशों पर काम करता रहा।

डेड ड्रॉप से हथियार, बड़ा नेटवर्क उजागर

NIA की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि मई 2023 में विक्रम कुमार ने हरियाणा के अंबाला से हैंड ग्रेनेड और वॉकी-टॉकी का ‘डेड ड्रॉप’ हासिल किया। इसके बाद उसने यह सामग्री बेंगलुरु में एक अन्य आरोपी को सौंप दी।

यह घटनाक्रम इस बात की ओर इशारा करता है कि आतंकी नेटवर्क न केवल संगठित था, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों में फैला हुआ था। इस नेटवर्क का उद्देश्य बेंगलुरु में सिलसिलेवार आतंकी हमले करना और बड़े पैमाने पर दहशत फैलाना था।

नासिर को भगाने की साजिश

जांच में यह भी सामने आया कि विक्रम कुमार उस साजिश का हिस्सा था, जिसमें टी. नासिर को जेल से अदालत ले जाते समय फरार कराने की योजना बनाई गई थी। यह योजना न केवल सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती थी, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी साबित हो सकती थी। इस साजिश के लिए फंडिंग जुनैद अहमद द्वारा की जा रही थी, जो अभी भी फरार है और जिसकी तलाश में एजेंसियां लगातार छापेमारी कर रही हैं।

कैसे खुला पूरा मामला?

यह मामला जुलाई 2023 में सामने आया, जब बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) ने कुछ आदतन अपराधियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल उपकरण बरामद हुए थे। पूछताछ में सामने आया कि ये आरोपी शहर में बड़े आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे। इसके बाद NIA ने केस अपने हाथ में लिया और जांच के दौरान एक बड़े आतंकी नेटवर्क का पर्दाफाश किया। अब तक इस मामले में कुल 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है, जिनमें से एक अभी भी फरार है।

सिस्टम और सुरक्षा पर बड़े सवाल

इस पूरे घटनाक्रम ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:

  • क्या जेल के अंदर से आतंकी नेटवर्क संचालित होना सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी चूक है?

  • क्या देश के अलग-अलग राज्यों में फैले इस नेटवर्क को समय रहते पूरी तरह खत्म किया जा सकेगा?

  • क्या कट्टरपंथीकरण रोकने के लिए नई रणनीति की जरूरत है?

Q1. छोटा उस्मान कौन है?

Q2. उसे कितनी सजा मिली है?

Q3. इस केस में मुख्य आरोपी कौन है?

Q4. क्या सभी आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं?

आपके मन में उठ रहे सवाल?

  • क्या भारत की जेलें आतंकी नेटवर्क के लिए सुरक्षित ठिकाना बनती जा रही हैं?

  • क्या सुरक्षा एजेंसियों को और सख्त कदम उठाने की जरूरत है?

  • क्या यह फैसला भविष्य में ऐसे मामलों को रोक पाएगा?

अब आपकी बारी!

इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

👉 राष्ट्र निर्माण में बनें भागीदार

👉 सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ

Support करें – Like | Share | Follow

ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page