top of page

 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

WhatsApp Video 2026-10-04 at 8.50.36 PM.mp4

दिल्ली में भक्ति का नया अंदाज, ‘भजन क्लबिंग’ में शामिल हुए प्रधानमंत्री मोदी

लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
Ashok kumar Singh
27 सित॰
2 मिनट पठन
मोदी भजन कार्यक्रम में ताली बजाते; मंच पर गायक, पीछे इंडिया गेट। स्क्रीन पर ‘दिल्ली में भजन कल्बिंग’ लिखा है।

भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह Bhaarataarth.com नई दिल्ली, 26 सितंबर 2026। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार शाम आयोजित ‘भजन क्लबिंग’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल हुए। पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती के अवसर पर दीनदयाल उपाध्याय पार्क में हुए इस आयोजन में पारंपरिक भजनों को आधुनिक संगीत कार्यक्रम जैसी प्रस्तुति के साथ पेश किया गया।


कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री मोदी दर्शकों के बीच अग्रिम पंक्ति में बैठे नजर आए। उन्होंने भक्ति गीत सुने, तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया और एक मंजीरेनुमा वाद्य यंत्र भी बजाया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा और सांस्कृतिक गतिविधियों में रुचि रखने वाले लोग मौजूद थे।


पारंपरिक भजनों को आधुनिक प्रस्तुति का रंग


‘भजन क्लबिंग’ ऐसी प्रस्तुति शैली है, जिसमें पारंपरिक भजन, कीर्तन और भक्ति गीतों को लाइव कॉन्सर्ट जैसे माहौल में प्रस्तुत किया जाता है। इसमें मंचीय प्रकाश व्यवस्था, आधुनिक ध्वनि प्रणाली और सामूहिक गायन जैसे तत्व शामिल होते हैं, जबकि भजनों की मूल आध्यात्मिक प्रकृति बरकरार रहती है।

दिल्ली के कार्यक्रम में भगवान राम और अन्य देवी-देवताओं से जुड़े भक्ति गीत प्रस्तुत किए गए। दर्शकों ने गीतों के साथ तालियां बजाकर और सामूहिक रूप से गाकर सहभागिता की।


युवाओं के बीच उभरता सांस्कृतिक प्रारूप


‘भजन क्लबिंग’ को विशेष रूप से युवाओं के बीच लोकप्रिय हो रहे भक्ति संगीत के नए प्रारूप के रूप में देखा जा रहा है। इसमें पारंपरिक धार्मिक संगीत को आधुनिक मंचीय वातावरण में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे युवा दर्शकों की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी इससे पहले जनवरी 2026 में ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी भजन क्लबिंग का उल्लेख कर चुके हैं। उन्होंने इसे भक्ति, संस्कृति, आध्यात्मिकता और आधुनिकता के मेल के रूप में बताया था।


दीनदयाल उपाध्याय जयंती के अवसर पर आयोजन


यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 110वीं जयंती से जुड़े आयोजनों का हिस्सा था। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके ‘अंत्योदय’ के विचार का उल्लेख किया था। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री की मौजूदगी ने भक्ति संगीत की इस आधुनिक प्रस्तुति को व्यापक सार्वजनिक चर्चा में ला दिया। हालांकि, ‘भजन क्लबिंग’ का स्वरूप स्वयं पारंपरिक भक्ति संगीत को आधुनिक मंचीय प्रस्तुति से जोड़ने वाली एक उभरती सांस्कृतिक शैली के रूप में सामने आया है।

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें
bottom of page