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जोधपुर में हरित पहल: टैंकर से पौधों को मिला जीवनदान, जनसहयोग से चला पर्यावरण अभियान

  • लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 3 मई
  • 3 मिनट पठन
जनसहयोग से जोधपुर में हरित अभियान - सालावास रोड
जनसहयोग से जोधपुर में हरित अभियान - सालावास रोड

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

जोधपुर। जोधपुर में पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक, सराहनीय और जनभागीदारी से जुड़ा अभियान देखने को मिला, जब सालावास रोड के डिवाइडर पर लगे पीपल, नीम और कनेर के पौधों को टैंकर के माध्यम से नियमित रूप से पानी पिलाया गया। हरित क्रांति, सामुदायिक सहयोग और सतत प्रयास का यह उदाहरण स्थानीय नागरिकों की जागरूकता को दर्शाता है। पशु आहार क्षेत्र से लेकर संगरिया धर्म कांटा तक फैले इस अभियान में कई सामाजिक कार्यकर्ता और कॉलोनी निवासी सक्रिय रूप से जुड़े। यह पहल न केवल पर्यावरण संतुलन को मजबूत कर रही है, बल्कि शहरवासियों को भी जागरूक कर रही है।


जोधपुर शहर में बढ़ती गर्मी और जल संकट के बीच पर्यावरण संरक्षण की एक अनूठी और सराहनीय पहल सामने आई है। सालावास रोड के बीच बने डिवाइडर पर लगे पीपल, नीम और कनेर के पौधों को बचाने के लिए स्थानीय नागरिकों ने सामूहिक प्रयास करते हुए टैंकर से पानी पिलाने का अभियान चलाया। यह कार्य पशु आहार क्षेत्र से लेकर संगरिया धर्म कांटा तक लगातार किया गया, जिससे सैकड़ों पौधों को जीवनदान मिला।

इस पुनीत कार्य में गंगाराम चोटिया, बद्रीराम जाट, पूर्व पार्षद एवं सरपंच संगरिया लक्ष्मण चौधरी सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं और कॉलोनी निवासियों ने मिलकर सक्रिय भागीदारी निभाई। इन सभी का मानना है कि यदि समय रहते पौधों की देखभाल नहीं की गई, तो शहर में हरियाली समाप्त हो सकती है, जिससे पर्यावरण संतुलन पर गहरा असर पड़ेगा। यह अभियान केवल पौधों को पानी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक जन-जागरूकता आंदोलन का रूप लेता जा रहा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वे नियमित रूप से इस कार्य को जारी रखेंगे और अन्य नागरिकों को भी इस पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित करेंगे। इस दौरान कई राहगीरों ने भी इस प्रयास की सराहना की और सहयोग देने की इच्छा जताई। विशेषज्ञों के अनुसार, पीपल, नीम और कनेर जैसे पौधे न केवल ऑक्सीजन का स्तर बढ़ाते हैं, बल्कि वायु प्रदूषण को भी कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में इन पौधों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। गर्मी के मौसम में इन पौधों को नियमित पानी मिलना उनके जीवन के लिए बेहद जरूरी होता है। यह पहल शहर के लिए एक मॉडल प्रोजेक्ट बन सकती है, यदि इसे व्यापक स्तर पर अपनाया जाए। प्रशासन और स्थानीय निकायों को भी ऐसे अभियानों को समर्थन देना चाहिए, ताकि शहर में हरियाली बढ़े और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिल सके।

आपके मन में उठ रहे सवाल क्या हैं?

हाल ही में हुए इस अभियान ने शहर में नई चर्चा को जन्म दिया है। हर नागरिक के मन में कुछ महत्वपूर्ण सवाल उठ रहे हैं:

  • क्या नगर निगम इस तरह की पहलों को नियमित रूप से अपनाएगा?

  • क्या अन्य क्षेत्रों में भी इसी तरह पौधों की देखभाल हो रही है?

  • क्या नागरिकों की भागीदारी से शहर को हराभरा बनाया जा सकता है?

  • क्या यह अभियान लंबे समय तक जारी रह पाएगा?

Q1. यह अभियान किस क्षेत्र में चलाया गया?

Q2. इस अभियान में कौन-कौन शामिल थे?

Q3. किन पौधों को पानी पिलाया गया?

Q4. क्या यह अभियान आगे भी जारी रहेगा?

Q5. इसका मुख्य उद्देश्य क्या है?

अब आपकी बारी!

इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

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