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गांधी मैदान से गरजे जेपी नड्डा, याद दिलाया आपातकाल का ‘काला दौर’

  • लेखक की तस्वीर: धन्नाराम चौधरी
    धन्नाराम चौधरी
  • 28 जून
  • 2 मिनट पठन

Speaker at podium addresses a large audience in an auditorium; cameras record the event, with Hindi text along the bottom.
जेपी नड्डा पटना के ज्ञान भवन में संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए

भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) पटना | 25 जून 2026। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान और जेपी आंदोलन की यादों के बीच केंद्रीय मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। “संविधान हत्या दिवस” कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने 25 जून 1975 को लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला बताया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि बिहार की धरती लोकतंत्र बचाने की लड़ाई की जननी रही है और संपूर्ण क्रांति आंदोलन ने देश की राजनीति को नई दिशा दी थी।


कार्यक्रम के दौरान जेपी नड्डा ने कहा कि गांधी मैदान सिर्फ एक मैदान नहीं बल्कि लोकतंत्र की रक्षा का प्रतीक है। उन्होंने याद दिलाया कि 5 जून 1974 को लोकनायक जयप्रकाश नारायण ने इसी मैदान से “संपूर्ण क्रांति” का ऐतिहासिक नारा दिया था। उन्होंने दावा किया कि छात्र जीवन में वह स्वयं भी इस आंदोलन का हिस्सा रहे और उस दौर की राजनीतिक परिस्थितियों को करीब से देखा।


जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने सत्ता बचाने के लिए पूरे देश पर आपातकाल थोप दिया था। उन्होंने कहा कि इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले के बाद लोकतंत्र को कुचलने का प्रयास किया गया और 21 महीनों तक देश में नागरिक अधिकारों का दमन हुआ। उन्होंने कहा कि उस समय प्रेस की स्वतंत्रता छीन ली गई, विरोधियों को जेल में डाल दिया गया और आम नागरिकों की आवाज दबा दी गई।


केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि उस दौर में 1.31 लाख से अधिक लोगों को जेल भेजा गया था। साथ ही उन्होंने जबरन नसबंदी अभियान और दिल्ली में बड़े पैमाने पर घर तोड़े जाने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हजारों परिवारों को बेघर होना पड़ा और लोकतंत्र की आत्मा को गहरी चोट पहुंची।


अपने संबोधन में उन्होंने 42वें संविधान संशोधन का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्ता मजबूत करने के लिए संविधान में ऐसे बदलाव किए गए जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की शक्ति कमजोर हुई। उन्होंने विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि आज संविधान बचाने की बात करने वालों को पहले आपातकाल के लिए देश से माफी मांगनी चाहिए।


जेपी नड्डा ने अंत में जेपी आंदोलन के सेनानियों को श्रद्धांजलि दी और युवाओं से लोकतंत्र की रक्षा के लिए हमेशा सजग रहने की अपील की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, छात्र और सामाजिक संगठनों के लोग मौजूद रहे।

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