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खेत में दफन मिला नोटों का जखीरा! TMC नेता की गिरफ्तारी के बाद करोड़ों के ‘काले धन’ का बड़ा खुलासा

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • 2 days ago
  • 4 min read

उत्तर 24 परगना में पुलिस की कार्रवाई से मचा हड़कंप, खेत से निकले नोटों से भरे बैग; हथियार, कारतूस और नकदी भी बरामद


“उत्तर 24 परगना में खेत से बरामद नोटों से भरे ट्रॉली बैग और पुलिस जांच”
“उत्तर 24 परगना में खेत से बरामद नोटों से भरे ट्रॉली बैग और पुलिस जांच”

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com

कोलकाता/उत्तर 24 परगना, 28 मई। पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) से जुड़े नेताओं के खिलाफ पुलिस कार्रवाई ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। गिरफ्तार नगर पालिका चेयरमैन और तृणमूल नेता दीपंकर भट्टाचार्य की निशानदेही पर पुलिस ने एक खेत से नोटों से भरे चार ट्रॉली बैग और एक बोरा बरामद किया है। बरामद नकदी में अधिकांश 500 रुपये के नोट बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस ने अभी तक आधिकारिक रूप से कुल राशि की पुष्टि नहीं की है, लेकिन स्थानीय लोगों का दावा है कि रकम करोड़ों रुपये तक हो सकती है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दीपंकर भट्टाचार्य को हाल ही में एक होटल से गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद पूछताछ के आधार पर बुधवार को पुलिस उन्हें तृणमूल कार्यालय के पास स्थित एक खेत में लेकर पहुंची, जहां जमीन खोदने पर भारी मात्रा में नकदी बरामद हुई।

खेत में दबे मिले ट्रॉली बैग, नोटों की गड्डियां देखकर लोग हैरान

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, खेत से निकाले गए बैगों में 500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं। घटनास्थल पर पुलिस और स्थानीय प्रशासन की मौजूदगी में खुदाई की गई। इस दौरान आसपास बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी जमा हो गए।

वीडियो और तस्वीरें सामने आने के बाद पूरे इलाके में चर्चा तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी तक जब्त नकदी की अंतिम गिनती और आधिकारिक आंकड़े सार्वजनिक नहीं किए हैं।

पहले भी बरामद हुए थे सरकारी तिरपाल और 80 लाख रुपये

इस मामले में पुलिस की कार्रवाई सोमवार रात से शुरू हुई थी। पुलिस ने एक परित्यक्त कंप्यूटर सेंटर पर छापा मारकर करीब चार हजार सरकारी तिरपाल और लगभग 80 लाख रुपये नकद बरामद किए थे।

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोप है कि 24 मई की रात दीपंकर भट्टाचार्य और उनके सहयोगी सरकारी तिरपालों को वाहन में भरकर कहीं और ले जाने की कोशिश कर रहे थे। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे।

पुलिस को घटनास्थल से बड़ी मात्रा में जले हुए दस्तावेज भी मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि सबूत मिटाने की कोशिश की गई हो सकती है।

दूसरे TMC नेता के घर से हथियार और कारतूस बरामद

इसी जांच के दौरान गोबरडांगा क्षेत्र में तृणमूल नेता और जिला परिषद कर्माध्यक्ष अजीत साहा तथा उनके भाई सुजीत साहा को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, उनके घर से 27 लाख रुपये नकद, 626 राउंड कारतूस, पिस्तौल, एयरगन और विदेशी शराब की बोतलें बरामद की गई हैं।

इस बरामदगी ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नकदी और हथियारों का स्रोत क्या था और क्या इनका संबंध किसी बड़े नेटवर्क से है।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

मामले के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने राज्य सरकार और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर निशाना साधा है। विपक्ष का आरोप है कि यह मामला राज्य में कथित भ्रष्टाचार, वसूली और अवैध नेटवर्क का बड़ा उदाहरण है।

हालांकि तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इस मामले पर विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

पुलिस जांच में क्या-क्या बिंदु अहम?

जांच एजेंसियां फिलहाल कई पहलुओं पर जांच कर रही हैं—

- बरामद नकदी का वास्तविक स्रोत क्या है?

- खेत में पैसा किस उद्देश्य से छिपाया गया था?

- क्या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का मामला है?

- बरामद कारतूस और हथियारों का इस्तेमाल किस लिए होना था?

- क्या इस नेटवर्क में और लोग भी शामिल हैं?

राजनीतिक हलकों में क्यों बढ़ी हलचल?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बंगाल में पहले भी भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले सामने आते रहे हैं। लेकिन इस बार खेत में दबे नोटों और हथियारों की बरामदगी ने मामले को अधिक गंभीर बना दिया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले समय में यह मामला राज्य की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है, खासकर यदि जांच एजेंसियां किसी बड़े आर्थिक या राजनीतिक नेटवर्क तक पहुंचती हैं।

FAQ | अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. दीपंकर भट्टाचार्य कौन हैं?

वे उत्तर 24 परगना जिले के एक नगर पालिका चेयरमैन और तृणमूल कांग्रेस से जुड़े नेता बताए जा रहे हैं।

Q2. खेत से क्या बरामद हुआ?

पुलिस ने खेत से नोटों से भरे चार ट्रॉली बैग और एक बोरा बरामद किया है।

Q3. क्या नकदी की कुल राशि घोषित हुई है?

पुलिस ने अभी तक आधिकारिक कुल राशि की पुष्टि नहीं की है, लेकिन लाखों रुपये मिलने की बात कही गई है।

Q4. अन्य क्या बरामदगी हुई?

अलग कार्रवाई में 27 लाख नकद, 626 कारतूस, पिस्तौल, एयरगन और विदेशी शराब भी बरामद हुई है।

Q5. विपक्ष ने क्या आरोप लगाए हैं?

विपक्ष ने इसे भ्रष्टाचार और वसूली के संगठित नेटवर्क का उदाहरण बताया है।

बरामद। नकदी, हथियार और कारतूस मिलने से मचा राजनीतिक हड़कंप।

निष्कर्ष: उत्तर 24 परगना में हुई यह कार्रवाई केवल नकदी बरामदगी का मामला नहीं बल्कि राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता, राजनीतिक जवाबदेही और कानून-व्यवस्था पर उठ रहे सवालों का भी संकेत बनती जा रही है। अब सबकी नजर पुलिस और जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी है। यदि जांच में और बड़े खुलासे होते हैं तो इसका असर बंगाल की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है।

डिस्क्रिप्शन: उत्तर 24 परगना में TMC लीडर दीपंकर भट्टाचार्य की गिरफ्तारी के बाद खेत से नोटों से भरे बैग

सोर्स: पुलिस सोर्स, लोकल एडमिनिस्ट्रेशन, प्रत्यक्षदर्शी बयान, उत्तर 24 परगना डिस्ट्रिक्ट जांच टीम।

फोकस कीवर्ड्स: TMC लीडर ब्लैक मनी, बंगाल कैश रिकवरी, नॉर्थ 24 परगना रेड, TMC करप्शन केस, कोलकाता पुलिस रेड

अब आपकी बारी! इन सभी सवालों पर अपनी राय और जवाब नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

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