top of page

“भारतार्थ खबर – खबर नहीं, उसका अर्थ”“हर खबर का सही विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“सच्ची खबर, सही अर्थ – भारतार्थ खबर”“जहाँ खबरों का होता है असली विश्लेषण”“ताज़ा खबरें, सटीक विश्लेषण – भारतार्थ खबर”“हर खबर की गहराई तक – भारतार्थ खबर”“Breaking News से लेकर विशेष रिपोर्ट तक”“देश-दुनिया की हर बड़ी खबर – भारतार्थ खबर”

नोएडा एयरपोर्ट का उद्घाटन: क्या “हर दो मिनट में उड़ान” भारत के विकास मॉडल की नई पहचान है?

आयुष्मान योजना में बड़ा एक्शन: यूपी के 200 अस्पतालों पर योगी सरकार की सख्त कार्रवाई, 100 सस्पेंड, 100 का भुगतान रोका

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • May 16
  • 4 min read
“उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों की जांच करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक”
“उत्तर प्रदेश में आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों की जांच करते स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक”

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

डेटलाइन: लखनऊ, 16 मई। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए योगी आदित्यनाथ सरकार ने आयुष्मान भारत योजना के तहत अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। राज्य सरकार ने निर्धारित मानकों की अनदेखी, दस्तावेजों में गड़बड़ी और लापरवाही बरतने वाले करीब 200 निजी अस्पतालों पर कड़ा शिकंजा कस दिया है।

सरकारी समीक्षा के बाद 100 अस्पतालों का भुगतान तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है, जबकि 100 अन्य अस्पतालों को आयुष्मान भारत योजना के पैनल से सस्पेंड कर दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद निजी अस्पताल संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।

सरकार का कहना है कि गरीब और जरूरतमंद मरीजों के इलाज में किसी भी स्तर पर फर्जीवाड़ा या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

35 नए मानकों के साथ सख्त हुआ अस्पताल सत्यापन सिस्टम

राज्य की स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज) की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार, आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना को अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनाने के लिए अस्पतालों की सूचीबद्धता प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और सख्त बनाया गया है।

अब ‘अस्पताल इम्पैनलमेंट मॉड्यूल’ (HEM 2.0) पोर्टल के जरिए अस्पतालों का डिजिटल और फिजिकल सत्यापन किया जा रहा है। इसके तहत अस्पतालों को 35 अनिवार्य मानकों पर खरा उतरना जरूरी होगा।

इन मानकों में मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • वैध रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र

  • फायर सेफ्टी एनओसी

  • आधुनिक चिकित्सा उपकरण

  • पर्याप्त इंफ्रास्ट्रक्चर

  • डॉक्टरों की वास्तविक डिग्रियां

  • हेल्थकेयर प्रोफेशनल रजिस्ट्री (HFR) पंजीकरण

  • मरीजों के लिए जरूरी स्वास्थ्य सुविधाएं

सरकार का दावा है कि इस नई व्यवस्था से “लूपहोल” और फर्जी दस्तावेजों के जरिए सिस्टम का दुरुपयोग रोकने में मदद मिलेगी।

46 जिलों के अस्पताल कार्रवाई की जद में

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य के 95 प्रतिशत से अधिक अस्पतालों ने समय रहते खुद को नए पोर्टल पर अपडेट कर लिया था। इसके बावजूद लगभग 200 निजी अस्पतालों ने कई बार चेतावनी और समय सीमा बढ़ाने के बाद भी नियमों का पालन नहीं किया।

कार्रवाई की जद में आए अस्पताल मुख्य रूप से: लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, नोएडा, आगरा, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, गोरखपुर, बरेली सहित प्रदेश के लगभग 46 जिलों से जुड़े बताए जा रहे हैं।

100 अस्पतालों का पेमेंट होल्ड, 100 सस्पेंड

सरकारी समीक्षा के बाद जिन अस्पतालों में गंभीर अनियमितताएं मिलीं, उन्हें योजना के पैनल से सस्पेंड कर दिया गया। वहीं दूसरे समूह के अस्पतालों का सरकारी भुगतान रोक दिया गया है।

इसके साथ ही सरकार ने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाणन ‘NABH Accreditation’ लेने के निर्देश भी दिए हैं।

राज्य और जिला स्तर पर विशेष टीमों द्वारा लगातार औचक निरीक्षण और लाइव मॉनिटरिंग की जा रही है।

फर्जी डॉक्टरों और डिग्री घोटाले पर भी सख्त निगरानी

स्वास्थ्य विभाग अब तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली पर सबसे ज्यादा जोर दे रहा है। सरकार ने अस्पतालों को ‘आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन’ (ABDM) के तहत आधुनिक HMIS प्रणाली लागू करने के निर्देश दिए हैं।

इसके जरिए मरीजों के भर्ती होने से लेकर डिस्चार्ज तक का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन रहेगा। साथ ही ‘इलेक्ट्रॉनिक हेल्थ रिकॉर्ड’ (EHR) सिस्टम के माध्यम से मरीजों का मेडिकल इतिहास भी डिजिटल रूप से सुरक्षित किया जाएगा।

सीईओ अर्चना वर्मा ने स्पष्ट कहा है कि डॉक्टरों की फर्जी डिग्री लगाने या गलत दस्तावेज इस्तेमाल करने वाले अस्पतालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

क्या कहते हैं विशेषज्ञ?

स्वास्थ्य नीति विशेषज्ञों का मानना है कि आयुष्मान योजना जैसी बड़ी स्वास्थ्य योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार, डिजिटल सत्यापन और रियल टाइम मॉनिटरिंग से फर्जी क्लेम, गलत भर्ती और फर्जी इलाज जैसे मामलों में कमी आ सकती है। हालांकि निजी अस्पतालों का एक वर्ग मानकों को लागू करने के लिए पर्याप्त समय और तकनीकी सहायता की मांग भी कर रहा है।

लोगों के मन में उठ रहे अहम सवाल

  • क्या कार्रवाई के बाद मरीजों को इलाज में दिक्कत होगी?

  • क्या अन्य राज्यों में भी इसी तरह की जांच होगी?

  • क्या फर्जी अस्पतालों की सूची सार्वजनिक की जाएगी?

  • डिजिटल हेल्थ सिस्टम से भ्रष्टाचार कितना कम होगा?

  • क्या आयुष्मान योजना में पारदर्शिता वास्तव में बढ़ेगी?

FAQ Section

Q1. योगी सरकार ने कितने अस्पतालों पर कार्रवाई की?

करीब 200 निजी अस्पतालों पर कार्रवाई की गई है।

Q2. कितने अस्पताल सस्पेंड किए गए?

100 अस्पतालों को आयुष्मान योजना के पैनल से सस्पेंड किया गया है।

Q3. HEM 2.0 पोर्टल क्या है?

यह अस्पताल सत्यापन और इम्पैनलमेंट की नई डिजिटल व्यवस्था है।

Q4. NABH Accreditation क्यों जरूरी किया गया?

अस्पतालों में राष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता और सुरक्षा मानक सुनिश्चित करने के लिए।

Q5. क्या फर्जी डिग्री मामलों में FIR होगी?

हाँ, सरकार ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेज मिलने पर कानूनी कार्रवाई और FIR दर्ज होगी।

उत्तर प्रदेश सरकार की यह कार्रवाई केवल प्रशासनिक सख्ती नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं में भरोसा कायम करने की कोशिश के रूप में भी देखी जा रही है। आयुष्मान योजना देश के करोड़ों गरीब परिवारों के इलाज का बड़ा सहारा है, ऐसे में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता बन चुका है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि डिजिटल मॉनिटरिंग और कड़े मानकों का वास्तविक असर स्वास्थ्य व्यवस्था पर कितना पड़ता है।

Keywords: आयुष्मान योजना यूपी, योगी सरकार अस्पताल कार्रवाई, HEM 2.0 पोर्टल, NABH अस्पताल मानक, यूपी स्वास्थ्य विभाग एक्शन

अब आपकी बारी!

  • इस कार्रवाई और स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार को लेकर आपकी क्या राय है?

अपने विचार नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर साझा करें। आपकी सोच ही लोकतंत्र की ताकत है।

सही, सटीक और निष्पक्ष खबरों के लिए bhaarataarthkhabar.com⁠ से जुड़े रहें और दूसरों को भी जोड़ें।

Support करें – Like | Share | Follow ताकि हर जरूरी खबर आप तक सबसे पहले पहुंचे।

ताजा खबरों के लिए जुड़े रहें “Bhaarataarth Khabar” के साथ।


Comments

Rated 0 out of 5 stars.
No ratings yet

Add a rating
bottom of page