NEET पेपर लीक केस में CBI का बड़ा एक्शन: दो और गिरफ्तार, जांच में खुल रहे नेटवर्क के नए राज
- धन्ना राम चौधरी

- 28 मई
- 4 मिनट पठन

भारतार्थ खबर, संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com
डेटलाइन: नई दिल्ली/लातूर, 28 मई 2026। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने जांच को और तेज करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के बाद मामले में कुल गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 13 हो गई है। वहीं, देशभर में अब तक 49 स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है। CBI का दावा है कि जांच के दौरान मिले डिजिटल और तकनीकी सबूतों से पेपर लीक रैकेट के कई अहम कड़ियां सामने आ रही हैं। ताजा कार्रवाई में महाराष्ट्र के लातूर से डॉक्टर मनोज शिरुरे और पुणे स्थित डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल अकादमी के फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षद कुमार शाह को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक दोनों आरोपी प्रश्नपत्र लीक नेटवर्क के सक्रिय हिस्से के रूप में काम कर रहे थे।
CBI की जांच में क्या सामने आया?
CBI के अनुसार डॉक्टर मनोज शिरुरे पर आरोप है कि उसने तीन छात्रों को NEET परीक्षा के केमिस्ट्री प्रश्न उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, फिजिक्स शिक्षक तेजस शाह के बारे में जांच एजेंसी का कहना है कि उसे फिजिक्स के लीक प्रश्न पहले से गिरफ्तार आरोपी मनीषा हवालदार के जरिए प्राप्त हुए थे।
जांच एजेंसी अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर प्रश्नपत्र किस स्तर से बाहर आया और इसे छात्रों तक पहुंचाने के लिए किन-किन माध्यमों का इस्तेमाल किया गया।
पेपर सेटर तक पहुंची जांच
इस हाई-प्रोफाइल मामले में जांच अब सीधे पेपर सेटिंग प्रक्रिया तक पहुंच गई है। CBI की शुरुआती जांच में सामने आया है कि रेनुकाई करियर सेंटर के संस्थापक शिवराज मोटेगांवकर का बेटा भी कथित नेटवर्क से जुड़ा हुआ था। सूत्रों के अनुसार, लीक प्रश्न NEET के पेपर सेटर पीवी कुलकर्णी से हासिल किए गए थे।
हाल ही में शिवराज मोटेगांवकर की गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसी को कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। अधिकारियों का मानना है कि यह केवल स्थानीय स्तर का मामला नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है।
49 ठिकानों पर रेड, डिजिटल डिवाइस जब्त
CBI ने इस मामले में देशभर के 49 स्थानों पर छापेमारी की है। जांच के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क, दस्तावेज और कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जब्त किए गए हैं। इन सभी डिवाइसों की फॉरेंसिक जांच जारी है।
जांच एजेंसियों का फोकस अब डिजिटल चैट, बैंकिंग ट्रांजैक्शन, कॉल रिकॉर्ड और डेटा रिकवरी पर है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।
3 मई को हुई परीक्षा रद्द
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित NEET UG परीक्षा पेपर लीक की शिकायतों के बाद विवादों में घिर गई थी। कई राज्यों से प्रश्नपत्र लीक और परीक्षा से पहले प्रश्न मिलने के आरोप सामने आए थे। इसके बाद केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच CBI को सौंप दी थी।
परीक्षा रद्द होने के बाद लाखों छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी देखी गई थी। मेडिकल प्रवेश की तैयारी कर रहे छात्रों के भविष्य को लेकर भी गंभीर सवाल उठे।
छात्रों और अभिभावकों में बढ़ी चिंता
इस मामले ने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर बहस छेड़ दी है। अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा में इस तरह की अनियमितताएं सामने आती हैं, तो इससे मेहनती छात्रों का मनोबल प्रभावित होता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं बल्कि परीक्षा प्रणाली में तकनीकी और प्रशासनिक सुधार भी जरूरी हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
आपके मन में उठ रहे सवाल
- आखिर NEET पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन है?
- क्या पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है?
- क्या और बड़े नाम जांच के दायरे में आ सकते हैं?
- छात्रों तक प्रश्नपत्र कैसे पहुंचाया गया?
- क्या भविष्य में परीक्षा प्रणाली और अधिक सुरक्षित बनाई जाएगी?
FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले सवाल)
Q1. अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं?
CBI अब तक इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है।
Q2. हाल ही में किन लोगों को गिरफ्तार किया गया?
महाराष्ट्र के डॉक्टर मनोज शिरुरे और फिजिक्स शिक्षक तेजस हर्षद कुमार शाह को गिरफ्तार किया गया है।
Q3. जांच में कौन-कौन से सबूत मिले हैं?
CBI ने कई लैपटॉप, मोबाइल फोन, दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए हैं जिनकी फॉरेंसिक जांच चल रही है।
Q4. NEET UG 2026 परीक्षा कब रद्द हुई?
3 मई 2026 को आयोजित परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद रद्द की गई थी।
Q5. क्या पेपर सेटर की भूमिका भी जांच के दायरे में है?
हाँ। जांच एजेंसी के अनुसार पेपर सेटर पीवी कुलकर्णी से जुड़े तार भी सामने आए हैं।
निष्कर्ष: NEET UG 2026 पेपर लीक मामला अब केवल परीक्षा अनियमितता का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि यह देश की परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता से जुड़ा बड़ा सवाल बन चुका है। CBI की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए खुलासे सामने आ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई और गिरफ्तारियां संभव हैं और जांच एजेंसी वित्तीय लेनदेन के पहलू पर भी विशेष ध्यान दे रही है। इस पूरे घटनाक्रम पर देशभर के लाखों छात्र और अभिभावक नजर बनाए हुए हैं।
सोर्स: CBI अधिकारियों की जानकारी, मीडिया रिपोर्ट्स, जांच एजेंसी सोर्स एवं उपलब्ध आधिकारिक इनपुट पर आधारित।
कीवर्ड्स: NEET पेपर लीक केस, CBI एक्शन, NEET UG 2026, NEET एग्जाम स्कैम, CBI इन्वेस्टिगेशन
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