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Karnataka Cabinet Crisis: WhatsApp पर इस्तीफा, फिर सुलह! 4 दिन पुरानी सरकार में मचा सियासी बवाल

  • Writer: धन्ना राम चौधरी
    धन्ना राम चौधरी
  • Jun 6
  • 4 min read

मंत्री रामलिंगा रेड्डी की नाराजगी बनी चर्चा का केंद्र, CM डीके शिवकुमार बोले- "अब सब ठीक है"


कर्नाटक सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया।
कर्नाटक सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ विवाद राजनीतिक चर्चा का केंद्र बन गया।

भारतार्थ खबर,संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलुरु | 06 जून 2026| कर्नाटक की नई कांग्रेस सरकार शपथ ग्रहण के महज चार दिन बाद ही राजनीतिक उथल-पुथल का सामना कर रही है। वरिष्ठ मंत्री रामलिंगा रेड्डी द्वारा मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को व्हाट्सएप पर इस्तीफा भेजे जाने की खबर ने राज्य की राजनीति में हलचल मचा दी। हालांकि मुख्यमंत्री ने अब दावा किया है कि सभी मतभेद दूर कर लिए गए हैं और सरकार पूरी मजबूती से काम कर रही है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब नई सरकार को लेकर कांग्रेस नेतृत्व एकता और स्थिरता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है। लेकिन विभागों के बंटवारे को लेकर मंत्रियों की नाराजगी ने विपक्ष को सरकार पर हमला करने का मौका दे दिया है।

WhatsApp इस्तीफे से बढ़ी सियासी गर्मी

सूत्रों के अनुसार वरिष्ठ कांग्रेस नेता और मंत्री रामलिंगा रेड्डी अपने विभाग के आवंटन से संतुष्ट नहीं थे। उनका दावा था कि उन्हें बेंगलुरु विकास मंत्रालय देने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन शपथ ग्रहण के बाद उन्हें सिंचाई विभाग सौंप दिया गया। नाराज रेड्डी ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को व्हाट्सएप के जरिए अपना इस्तीफा भेज दिया। यह खबर सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

हालांकि शनिवार को मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि रेड्डी उनके करीबी मित्र हैं और सभी मुद्दों का समाधान कर लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने कहा, "रामलिंगा रेड्डी मेरे पुराने मित्र हैं। सभी समस्याएं सुलझा ली गई हैं। अनावश्यक अटकलें लगाने की जरूरत नहीं है। हां, उन्होंने व्हाट्सएप पर इस्तीफा भेजा था, लेकिन अब सब कुछ सामान्य है।" बताया जा रहा है कि शुक्रवार देर रात मुख्यमंत्री और रेड्डी के बीच करीब दो घंटे तक विस्तृत चर्चा हुई, जिसके बाद स्थिति सामान्य हुई।

सरकार के भीतर बढ़ रही असंतुष्टि?

रामलिंगा रेड्डी का मामला शांत होने से पहले ही सरकार के अन्य मंत्रियों की नाराजगी भी सामने आने लगी है। वरिष्ठ नेता और मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि कैबिनेट के सबसे वरिष्ठ सदस्यों में होने के बावजूद उन्हें अपेक्षित विभाग नहीं मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी नाराजगी पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं तक पहुंचा दी है। उनका मानना है कि उन्हें ऐसा विभाग मिलना चाहिए जहां वे जनता के लिए अधिक प्रभावी ढंग से काम कर सकें।

सतीश जारकीहोली ने भी जताई इच्छा

लोक निर्माण विभाग संभाल रहे मंत्री सतीश जारकीहोली ने भी खुलकर कहा कि वे कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) अध्यक्ष पद के इच्छुक थे।

हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी आलाकमान जो निर्णय लेगा, उसका वे सम्मान करेंगे।

इन घटनाओं ने संकेत दिया है कि नई सरकार के भीतर मंत्रालयों और पदों को लेकर असंतोष पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

महिला प्रतिनिधित्व पर भी उठे सवाल

कांग्रेस सरकार को महिला प्रतिनिधित्व के मुद्दे पर भी आलोचना झेलनी पड़ रही है। मंत्रिमंडल के पहले चरण में किसी महिला नेता को शामिल नहीं किए जाने पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता मार्गरेट अल्वा ने सार्वजनिक रूप से नाराजगी जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि महिला नेताओं की अनदेखी निराशाजनक है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री शिवकुमार ने भरोसा दिलाया कि मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान महिलाओं को उचित प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

विपक्ष को मिला हमला करने का मौका

सरकार के भीतर उठ रही नाराजगी पर भाजपा लगातार हमलावर है। विपक्ष का आरोप है कि कांग्रेस सरकार शपथ ग्रहण के कुछ दिनों बाद ही आंतरिक खींचतान में उलझ गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के पुनर्वितरण पर सभी की नजरें रहेंगी।

Fact Box

मुख्यमंत्री: डीके शिवकुमार

मुख्य विवाद: विभागों का बंटवारा

मंत्री: रामलिंगा रेड्डी

इस्तीफा: WhatsApp पर भेजा गया

स्थिति: मुख्यमंत्री के अनुसार मामला सुलझा

सरकार गठन: 3 जून 2026

FAQ

Q1. रामलिंगा रेड्डी ने इस्तीफा क्यों दिया?

विभाग आवंटन से नाराजगी के कारण उन्होंने इस्तीफा भेजा था।

Q2. इस्तीफा किस माध्यम से भेजा गया?

मुख्यमंत्री के अनुसार इस्तीफा व्हाट्सएप पर भेजा गया था।

Q3. क्या इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया?

नहीं, मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मुद्दे सुलझा लिए गए हैं।

Q4. क्या अन्य मंत्री भी नाराज हैं?

कुछ मंत्रियों ने विभाग आवंटन को लेकर असंतोष जताया है।

Q5. क्या मंत्रिमंडल में महिलाओं को शामिल किया जाएगा?

मुख्यमंत्री ने कहा है कि आगामी विस्तार में महिलाओं को प्रतिनिधित्व दिया जाएगा।

निष्कर्ष: कर्नाटक की नई कांग्रेस सरकार अभी शुरुआती दौर में ही राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही है। हालांकि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने रामलिंगा रेड्डी प्रकरण को सुलझाने का दावा किया है, लेकिन अन्य मंत्रियों की नाराजगी और महिला प्रतिनिधित्व को लेकर उठ रहे सवाल सरकार के लिए चुनौती बने हुए हैं। आने वाले दिनों में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक संतुलन सरकार की स्थिरता की असली परीक्षा होगी।

News Source: मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का आधिकारिक बयान, मंत्री रामलिंगा रेड्डी से जुड़ी जानकारी, कांग्रेस नेताओं के सार्वजनिक वक्तव्य, मीडिया रिपोर्ट्स एवं राजनीतिक सूत्र

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