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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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BRICS में बड़ा फैसला: 11 देशों ने अपनाया नई दिल्ली घोषणापत्र

लेखक की तस्वीर: Ashok kumar Singh
Ashok kumar Singh
13 सित॰
2 मिनट पठन
BRICS Summit 2026 का पोस्टर, मोदी व अन्य नेता हाथ मिलाते, न्यू दिल्ली, झंडे, और बड़ा हिंदी-इंग्लिश टेक्स्ट

भारतार्थ खबर संवाददाता अशोक कुमार सिंह (Bhaarataarth.com) नई दिल्ली | 12 सितंबर 2026

नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के पहले दिन सदस्य देशों ने संयुक्त नई दिल्ली घोषणापत्र स्वीकार किया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और संघर्ष के बीच BRICS देशों ने स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए अधिकतम संयम बरतने और ऐसे कदमों से बचने की अपील की, जो क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं।


घोषणापत्र में अंतरराष्ट्रीय विवादों का समाधान संवाद, परामर्श और कूटनीति के माध्यम से किए जाने पर जोर दिया गया। BRICS देशों ने संघर्ष के दौरान नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया तथा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों और देशों की संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान की बात कही। भारत की मेजबानी में हो रहे इस शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन सहित BRICS के सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की भारत यात्रा भी विशेष चर्चा का विषय बनी हुई है।


BRICS के सामने पश्चिम एशिया का संकट एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि समूह में ईरान और संयुक्त अरब अमीरात दोनों शामिल हैं। ऐसे माहौल में सभी सदस्य देशों की सहमति से संयुक्त घोषणापत्र सामने आना समूह के लिए महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। घोषणापत्र में वैश्विक व्यापार को सुचारु बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है।


BRICS देशों ने व्यापार को प्रभावित करने वाले एकतरफा शुल्क और गैर-शुल्क उपायों को लेकर चिंता जताई है। इसके अलावा समूह के व्यापक एजेंडे में वैश्विक शासन व्यवस्था में सुधार, बहुपक्षीय सहयोग, व्यापार, निवेश, तकनीक और सीमा-पार भुगतान जैसे विषय भी शामिल हैं। भारत के लिए यह सम्मेलन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि 2026 में BRICS की अध्यक्षता भारत कर रहा है। भारत ने इस वर्ष की अध्यक्षता के लिए


“Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” की थीम रखी है और BRICS के माध्यम से व्यावहारिक तथा विकास-केंद्रित सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है।


क्यों महत्वपूर्ण है?


नई दिल्ली में हुआ यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में तनाव, वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। ऐसे में BRICS का संयुक्त संदेश भारत की मेजबानी में समूह की सामूहिक कूटनीतिक भूमिका को सामने लाता है।

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