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 भारतार्थ खबर, नहीं उसका अर्थ

20अक्टूबर /2026 /मंगलवार

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

भारतार्थ लोगो: खबर नहीं, उसका अर्थ - राजनीतिक समाचार विश्लेषण

अलुवा,19 अक्टूबर 2026। कभी-कभी जीवन में सुनी गई कोई बात या देखा गया कोई वीडियो सोचने का नजरिया बदल देता है। केरल की अरुंधति के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक वीडियो से प्रेरित अरुंधति ने उन्हें हाथ से लिखा भावुक पत्र भेजकर अपनी शादी में शामिल होने का निमंत्रण दिया है। उनकी शादी 20 दिसंबर 2026 को केरल के अलुवा में होनी है।

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AI और ड्रोन टेक्नोलॉजी में करियर का सुनहरा मौका: ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में खुला “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस”, छात्रों को मिलेगा इंडस्ट्री-लेवल प्रशिक्षण

लेखक की तस्वीर: धन्ना राम चौधरी
धन्ना राम चौधरी
8 मई
4 मिनट पठन
बेंगलुरु स्थित ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में एआई रोबोटिक्स एवं ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अतिथि एवं विद्यार्थी। ai-robotics-drone-center-oxford-college-bangalore.webp
बेंगलुरु स्थित ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में एआई रोबोटिक्स एवं ड्रोन टेक्नोलॉजी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के उद्घाटन अवसर पर उपस्थित अतिथि एवं विद्यार्थी। ai-robotics-drone-center-oxford-college-bangalore.webp

भारतार्थ खबर, बेंगलुरु संवाददाता धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com)

बेंगलुरु/बोम्मनहल्ली, 8 मई। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रहे हैं। इसी दिशा में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी शिक्षा और इंडस्ट्री आधारित कौशल प्रदान करने के उद्देश्य से ऑक्सफोर्ड कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन एआई रोबोटिक्स एवं ड्रोन टेक्नोलॉजी” का भव्य शुभारंभ किया गया। यह पहल सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के सहयोग तथा हाइप्रोटेक एवं इंटेलीक्वांट टेक्नोमी प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त तत्वावधान में शुरू की गई है।

इस सेंटर का उद्देश्य विद्यार्थियों को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखते हुए उन्हें लाइव प्रोजेक्ट्स, रिसर्च, इंडस्ट्री ट्रेनिंग और व्यावहारिक तकनीकी अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने के लिए तैयार हो सकें।

कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग जगत के विशेषज्ञों, तकनीकी संस्थानों के प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की उपस्थिति रही। उद्घाटन समारोह के दौरान आधुनिक तकनीकी शिक्षा और रोजगार के बदलते स्वरूप पर विशेष चर्चा हुई।

तकनीकी शिक्षा से रोजगार तक की नई दिशा

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उद्योगपति धर्मेंद्र सिंह उपस्थित रहे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में जय शंकर शर्मा और सुष्मिता पाठक ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।

मुख्य अतिथियों ने कहा कि आने वाले वर्षों में स्वास्थ्य, रक्षा, कृषि, लॉजिस्टिक्स, स्मार्ट सिटी, ऑटोमोबाइल, शिक्षा और औद्योगिक उत्पादन जैसे क्षेत्रों में AI, रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी का व्यापक उपयोग होने वाला है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए इन क्षेत्रों में कौशल विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।

धर्मेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि आज कंपनियाँ केवल डिग्रीधारी युवाओं को नहीं, बल्कि ऐसे प्रतिभाशाली युवाओं को प्राथमिकता दे रही हैं जिनके पास वास्तविक प्रोजेक्ट्स पर काम करने का अनुभव हो। उन्होंने कहा कि AI और ऑटोमेशन भविष्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ साबित होंगे और भारत के पास इस क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व करने की क्षमता है।

वहीं जय शंकर शर्मा ने युवाओं को स्टार्टअप, रिसर्च और इनोवेशन की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि ड्रोन टेक्नोलॉजी आने वाले समय में रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर पैदा करेगी।

सुष्मिता पाठक ने कहा कि वर्तमान IT और AI उद्योग तेजी से ऑटोमेशन आधारित समाधानों की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए केवल किताबों तक सीमित रहना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उन्हें इंडस्ट्री-ओरिएंटेड प्रशिक्षण लेना जरूरी है।

कॉलेज प्रशासन ने बताई भविष्य की योजना

कार्यक्रम के दौरान एस.एन.वी.एल नरसिम्हा राजू ने इस पहल से जुड़े अभिषेक कुमार, पूजा पांडे और प्रवीण पांडे का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह सेंटर विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के साथ-साथ कॉलेज और उद्योग जगत के बीच मजबूत समन्वय स्थापित करेगा।

कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राकेश एस.जी., उप-प्राचार्य डॉ. बी.के. मंजूनाथ एवं MCA विभागाध्यक्ष प्रो. धर्मवीर ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” युवाओं को लाइव इंडस्ट्री प्रोजेक्ट्स, रिसर्च, इनोवेशन और तकनीकी प्रशिक्षण का मंच प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि इस पहल से विद्यार्थियों की रोजगार क्षमता बढ़ेगी और वे तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन की महत्वपूर्ण भूमिका

सेवा ब्रिगेड फाउंडेशन के संस्थापक प्रवीण पांडे, सामान्य सचिव राजीव रंजन एवं सचिव कमलेश यादव ने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण अपनाने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ड्रोन टेक्नोलॉजी, रोबोटिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मांग तेजी से बढ़ रही है और आने वाले वर्षों में इन क्षेत्रों में लाखों रोजगार अवसर उपलब्ध होंगे। यदि युवा समय रहते नई तकनीकों में दक्षता प्राप्त करते हैं तो वे वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं।

आपके मन में उठ रहे सवाल? जानिए अहम जवाब

Q1. “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” छात्रों को क्या लाभ देगा?

यह सेंटर विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग, लाइव प्रोजेक्ट्स और इंडस्ट्री एक्सपोजर प्रदान करेगा।

Q2. क्या इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे?

विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले वर्षों में AI और ड्रोन सेक्टर में रोजगार की मांग तेजी से बढ़ने वाली है। ऐसे में प्रशिक्षित युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकते हैं।

Q3. ड्रोन टेक्नोलॉजी किन क्षेत्रों में उपयोगी होगी?

कृषि, रक्षा, लॉजिस्टिक्स, सर्वेक्षण, आपदा प्रबंधन, सुरक्षा और स्मार्ट सिटी जैसे क्षेत्रों में ड्रोन टेक्नोलॉजी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।

Q4. क्या केवल इंजीनियरिंग छात्र ही इसका लाभ उठा सकेंगे?

कॉलेज प्रशासन के अनुसार तकनीकी कौशल आधारित प्रशिक्षण को बहु-विषयक रूप से विकसित करने की योजना है, जिससे अधिक विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें।

क्यों खास है यह पहल?

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत तेजी से डिजिटल और ऑटोमेशन आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। ऐसे समय में शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इंडस्ट्री आधारित तकनीकी प्रशिक्षण शुरू करना युवाओं के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यह पहल न केवल विद्यार्थियों को रोजगार योग्य बनाएगी बल्कि स्टार्टअप और नवाचार संस्कृति को भी मजबूती दे सकती है।

निष्कर्ष : तकनीकी क्रांति के इस दौर में AI, रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी केवल भविष्य नहीं बल्कि वर्तमान की जरूरत बन चुके हैं। ऑक्सफोर्ड College of Engineering द्वारा शुरू किया गया यह “सेंटर ऑफ एक्सीलेंस” विद्यार्थियों को नई तकनीकों से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि शिक्षा संस्थान इसी प्रकार उद्योग आधारित प्रशिक्षण को बढ़ावा देते रहे, तो भारत वैश्विक तकनीकी शक्ति बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।

Source: कार्यक्रम आयोजकों, कॉलेज प्रशासन एवं मंच से दिए गए आधिकारिक वक्तव्यों पर आधारित।

Keywords: AI रोबोटिक्स सेंटर बेंगलुरु, ड्रोन टेक्नोलॉजी ट्रेनिंग, ऑक्सफ़ोर्ड कॉलेज ऑफ़ इंजीनियरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कोर्स, रोबोटिक्स और ड्रोन शिक्षा भारत

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