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भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


गोस्वामी तुलसीदास का काव्य में परिवार प्रबोधन
डॉ. वीरमाराम पटेल लेखक एवं कवि, गुड़ामालानी, बालोतरा भारत की पहचान विश्व में परिवार व्यवस्था के कारण अनोखी है। परिवार हमारी सांस्कृतिक धरोहर है और वर्तमान में इसी धरोहर का आधार है महाकवि तुलसीदास के साहित्य में निहित परिवार भाव। उनके साहित्य में परिवार का आवरण केवल रक्त के रिश्ते से नहीं अपितु जड़-चेतन के प्रति परिवार भाव है। प्रभु श्री राम परिवार परिवेश को अगर आदर्श आमने तो आज वहीं भाव हमारे समाज के परिवारों का है लेकिन आज के परिवार बिखराव के दौर में है। प्रभु श्री का परिवार

धन्नाराम चौधरी
19 अग॰3 मिनट पठन
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