top of page
_edited.jpg)
भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


शरीर से आत्मा तक: मनुष्य आखिर किस स्तर पर जी रहा है?
लेखक: अशोक कुमार सिंह रिपोर्टर/मल्टीमीडिया डायरेक्टर भारतार्थ खबर (बंगलुरु कर्नाटक)
मनुष्य का पूरा जीवन एक प्रश्न के आसपास घूमता है—मैं कौन हूं? क्या मैं केवल यह शरीर हूं, जो जन्म लेता है, बढ़ता है, बूढ़ा होता है और एक दिन समाप्त हो जाता है? क्या मैं केवल यह मन हूं, जिसमें हर क्षण विचार, इच्छाएं, भय, क्रोध, प्रसन्नता और दुख आते-जाते रहते हैं? या इन सबके पीछे कोई ऐसी चेतना भी है, जो शरीर और मन दोनों को देखती है?
भारतीय आध्यात्मिक परंपरा सदियों से मनुष्य को इसी प्रश्न पर विचार

Ashok kumar Singh
24 अग॰9 मिनट पठन
bottom of page