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भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


अवचेतन मन की शक्ति से आत्मपरिवर्तन संभव: मुनि वीरसागर
भारतार्थ खबर। संवाददाता: धन्नाराम चौधरी (Bhaarataarth.com) बेंगलुरु | 08 अगस्त, 2026 बेंगलुरु, 8 अगस्त 2026। मन की शक्ति, अवचेतन मन की कार्यप्रणाली और आत्मपरिवर्तन की आध्यात्मिक प्रक्रिया को सरल एवं प्रभावशाली ढंग से समझाते हुए निर्यापक श्रमण मुनि श्री 108 वीरसागर जी महाराज ने “क्या विज़ुअलाइज़ेशन करना शेखचिल्ली बनना है?” विषय पर प्रेरक प्रवचन दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कल्पनाओं में खो जाना और किसी श्रेष्ठ लक्ष्य को विश्वास, संकल्प, पुरुषार्थ तथा निरंतर साधना के साथ अ

धन्नाराम चौधरी
8 अग॰4 मिनट पठन
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