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भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


“चोरी या ‘गुम’? आंकड़ों के खेल में दबते अपराध”
बेंगलूरु। शहर में मोबाइल चोरी और जेबकतरी जैसी घटनाओं को “गुमशुदा” शिकायतों के रूप में दर्ज करने का मामला एक गंभीर प्रशासनिक और कानूनी बहस का विषय बनता जा रहा है। स्पष्ट प्रक्रियात्मक दिशा-निर्देशों के बावजूद, कई पुलिस थानों में चोरी के मामलों को कथित तौर पर “लॉस्ट प्रॉपर्टी” के रूप में दर्ज किया जा रहा है, जिससे न केवल अपराध के वास्तविक आंकड़े प्रभावित हो रहे हैं बल्कि पीड़ितों को न्याय मिलने की प्रक्रिया भी कमजोर पड़ रही है।

धन्ना राम चौधरी
15 अप्रैल3 मिनट पठन
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