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भारतार्थ – भारतीय राजनीति गहन विचार पर विशेष


चौरडिया परिवार की धर्मसेवा, मुमुक्षु कविताजी के परिवार ने समर्पित किया अनुज्ञा पत्र
बेंगलूरु/चेन्नई/जोधपुर। जैन समाज में आध्यात्मिक साधना एवं त्याग की प्रेरणादायक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए चौरडिया परिवार ने एक गौरवपूर्ण पहल की है। जिनशासन गौरव, आगमज्ञ एवं प्रवचन प्रभाकर परमश्रद्धेय आचार्य भगवन्त 1008 श्री हीराचन्द्रजी म.सा. तथा भावी आचार्यप्रवर श्री महेन्द्रमुनि जी म.सा. के पावन सान्निध्य में व्याख्यात्री महासती श्री भाग्यप्रभा जी म.सा. की सेवा में अध्ययनरत मुमुक्षु बहिन श्रीमती कविताजी चौरडिया ने अपना अनुज्ञा पत्र समर्पित किया।

धन्ना राम चौधरी
9 अप्रैल2 मिनट पठन
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